कभी पुलिस की निगरानी में था, अब बना सुधार की मिसाल! 12 साल से अपराध नहीं, SP ने दी बड़ी राहत

धमतरी। अपराध की दुनिया छोड़कर सामान्य जीवन जीने वालों के लिए धमतरी पुलिस का एक फैसला मिसाल बनकर सामने आया है। कभी पुलिस की निगरानी सूची में शामिल एक बदमाश को उसके लंबे समय से अच्छे आचरण और अपराध से दूरी बनाए रखने के कारण अब “माफी बदमाश” श्रेणी में शामिल कर लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने जिले के निगरानी और गुंडा बदमाशों के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जो व्यक्ति वर्षों से अपराध से दूर रहकर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं, उन्हें सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए। इसी नीति के तहत थाना सिटी कोतवाली धमतरी के निगरानी बदमाश अंकित कौशिक के मामले की समीक्षा की गई।

जांच में सामने आया कि महिमा सागर वार्ड निवासी 39 वर्षीय अंकित कौशिक वर्ष 2014 के बाद से किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं पाया गया। पुलिस रिकॉर्ड और स्थानीय स्तर पर की गई जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि वह वर्तमान में सामान्य और सामाजिक जीवन व्यतीत कर रहा है।

थाना प्रभारी सिटी कोतवाली द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन और नगर पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने अंकित कौशिक को “माफी बदमाश ‘अ’ वर्ग” में शामिल करने की अनुमति प्रदान कर दी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून का उद्देश्य केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि उनमें सुधार की भावना को बढ़ावा देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। ऐसे लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना समाज और कानून दोनों के हित में है।

धमतरी पुलिस के इस फैसले को सुधारात्मक पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही यह उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो अपराध का रास्ता छोड़कर नई शुरुआत करना चाहते हैं। पुलिस का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति अपने व्यवहार और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाता है, तो उसे समाज में सम्मानपूर्वक आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।