जमीन के विवाद ने लिया खून का रूप, अदालत ने सुनाई उम्रकैद – परिवार के सामने ही हुआ था कत्ल
घरघोड़ा। एक मामूली सा विवाद… और उसी ने ले ली एक भाई की जान। छत्तीसगढ़ के घरघोड़ा में हुए इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अब अदालत ने बड़ा फैसला सुना दिया है। आरोपी खेमराज यादव को अपने ही सगे भाई की बेरहमी से हत्या करने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
अपर सत्र न्यायालय के इस फैसले के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है—क्योंकि जिस तरह से यह हत्या की गई, उसने हर किसी को अंदर तक हिला दिया।
“महुआ मत उठाओ…” – और अगले ही पल खून से लाल हो गया जमीन
यह खौफनाक वारदात थाना धर्मजयगढ़ के ग्राम रामपुर की है।
मृतक पीतांबर यादव अपने बच्चों के साथ महुआ बीनने गया था। तभी अचानक उसका बड़ा भाई खेमराज यादव वहां पहुंचा।
👉 गुस्से में तमतमाते हुए उसने धमकी दी—
“महुआ मत उठाओ… नहीं तो सबको खत्म कर दूंगा!”
इसके बाद जो हुआ, वो किसी डरावने मंजर से कम नहीं था…
खेमराज ने अपने ही छोटे भाई के पेट में चाकू घोंप दिया।
परिवार की आंखों के सामने ही पीतांबर यादव ने दम तोड़ दिया।
जमीन का झगड़ा बना मौत की वजह
दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से जमीन और महुआ पेड़ के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था।
छोटी-छोटी कहासुनी कब इतनी बड़ी दुश्मनी में बदल गई, किसी को अंदाजा नहीं था।
पुलिस जांच और कोर्ट की कड़ी सुनवाई
घटना के बाद थाना धर्मजयगढ़ में मामला दर्ज किया गया।
विवेचना अधिकारी ने सबूत जुटाकर आरोपी के खिलाफ धारा 302 (हत्या) के तहत चार्जशीट पेश की।
अदालत में:
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गवाहों के बयान दर्ज हुए
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दोनों पक्षों की बहस हुई
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और आखिरकार सच्चाई सामने आ गई
कोर्ट ने खेमराज यादव को दोषी करार देते हुए:
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आजीवन कारावास
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₹1,00,000 का जुर्माना
की सजा सुनाई।
पीड़ित परिवार को राहत, लेकिन दर्द बरकरार
न्यायालय ने मृतक की पत्नी को ₹1,00,000 क्षतिपूर्ति देने की अनुशंसा भी की है।
साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायगढ़ को मामले की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
एक सबक… जो रोंगटे खड़े कर दे
एक पेड़, थोड़ा सा जमीन का हिस्सा…
और उसी के लिए एक भाई ने अपने ही खून का कत्ल कर दिया।
