तहसील का चपरासी निकला ‘नशे का सप्लायर’! लग्जरी कार में 608 टैबलेट-कैप्सूल के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार

आबकारी उड़नदस्ता की घेराबंदी में फंसा कर्मचारी, NISSAN MAGNITE से बरामद हुआ भारी जखीरा… कोर्ट से सीधे जेल

सूरजपुर। सरगुजा संभाग में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। विश्रामपुर तहसील में पदस्थ एक चपरासी को लग्जरी कार में नशीले टैबलेट सप्लाई करते हुए गिरफ्तार किया गया है। सरगुजा आबकारी उड़नदस्ता टीम की कार्रवाई में कुल 608 नग नशीले टैबलेट और कैप्सूल जब्त किए गए हैं।

तिलसिवा ग्राउंड में घेराबंदी, कार से मिला ‘काला बैग’

01-03-2026 की शाम गश्त के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता को मुखबिर से सूचना मिली कि तिलसिवा ग्राउंड, सूरजपुर के पास एक व्यक्ति अपनी कार में नशीले टैबलेट की सप्लाई करने वाला है।

सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने चारों ओर से घेराबंदी की। संदिग्ध NISSAN MAGNITE (क्रमांक CG29AG1098) को रोककर तलाशी ली गई। कार के डैशबोर्ड में रखे काले बैग से 560 नग ALPRAZOLAM TABLET और 48 नग SPASMO PROXYVON PLUS CAPSULE बरामद किए गए।

“मैं तहसील में पदस्थ हूं…”

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अभिषेक साहू, निवासी गोविंदपुर साहू पारा, जिला सूरजपुर बताया। उसने खुद को कलेक्ट्रेट सूरजपुर का पूर्व चपरासी और वर्तमान में तहसील विश्रामपुर में पदस्थ कर्मचारी बताया।

आरोपी की लग्जरी कार और समस्त नशीली सामग्री को जब्त कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया। 02-03-2026 को उसे माननीय न्यायालय सूरजपुर में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजने का आदेश मिला।

टीम की अहम भूमिका

इस कार्रवाई में आबकारी मुख्य आरक्षक रमेश दुबे, अशोक सोनी, नगर सैनिक रणविजय सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता और नीरज चौहान की विशेष भूमिका रही।

लगातार हो रही ताबड़तोड़ कार्रवाई से साफ संकेत है कि नशे के कारोबार में शामिल कोई भी व्यक्ति—चाहे उसका पद कुछ भी हो—अब कानून की पकड़ से बच नहीं पाएगा।