फाइल के पीछे छुपा था रिश्वत का खेल… जैसे ही खुले नोट, वैसे ही टूट पड़ी ACB..कमिश्नर–क्लर्क की जोड़ी रंगे हाथों बेनकाब…

Surguja ACB Action  सरगुजा: सरकारी दफ्तरों में फाइल आगे बढ़ाने की कीमत क्या होती है—इस सवाल का डरावना जवाब सरगुजा में सामने आया है। छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक सुनियोजित जाल बिछाकर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के संभागीय कमिश्नर पूनम चंद्र अग्रवाल और उनके क्लर्क अनिल सिन्हा को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई इतनी अचानक और नाटकीय रही कि पूरे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।

मामला तब उजागर हुआ जब विभाग के ही एक ठेकेदार ने “सिस्टम की वसूली” से परेशान होकर चुप्पी तोड़ी और सीधे ACB का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद जो हुआ, वह किसी थ्रिलर फिल्म के सीन से कम नहीं था…

65 लाख का प्रोजेक्ट… और हर फाइल की एक कीमत!

हाउसिंग बोर्ड के पंजीकृत ठेकेदार रवि कुमार ने 20 जनवरी 2026 को ACB सरगुजा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में बलरामपुर जिले के दौरा–कोचली में करीब 65 लाख रुपये की लागत से तहसील भवन का निर्माण पूरा किया गया। इसके बदले 28 लाख रुपये का अंतिम भुगतान अब तक अटका हुआ था।

इतना ही नहीं, लुंड्रा में 43.51 लाख रुपये की लागत से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छह अतिरिक्त कक्षों का निर्माण भी कराया गया, जिसका कुल भुगतान 70.50 लाख रुपये होना था। लेकिन भुगतान और वर्क टाइम बढ़ाने के नाम पर फाइलें जानबूझकर रोकी जा रही थीं।

“जुगाड़ करके लाओ…” कमिश्नर–क्लर्क की खतरनाक जुगलबंदी

ठेकेदार ने जब संभागीय कमिश्नर पूनम चंद्र अग्रवाल से संपर्क किया, तो जायज काम के बदले 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। ACB ने शिकायत की पुष्टि के बाद जाल बिछाया।

गुरुवार को जैसे ही ठेकेदार केमिकल लगे नोट लेकर दफ्तर पहुंचा, कहानी ने खौफनाक मोड़ ले लिया। कमिश्नर ने उसे सीधे क्लर्क अनिल सिन्हा के पास भेज दिया। क्लर्क ने लालच दिखाते हुए कहा—
 “60 नहीं… 70 हजार लगेंगे, जुगाड़ करके लाओ।”

जैसे ही लाल हुए हाथ… टूट पड़ी ACB

ठेकेदार ने बाहर निकलकर ACB को इशारा किया। डीएसपी प्रमोद कुमार खेस के नेतृत्व में टीम ने तुरंत अतिरिक्त 5 हजार की व्यवस्था की। अंदर दफ्तर में जैसे ही 65 हजार रुपये दिए गए—

  • 5 हजार क्लर्क ने अपने पास रखे

  • 60 हजार कमिश्नर को थमा दिए

अगले ही पल ACB ने दफ्तर में धावा बोल दिया। हाथ धुलवाए गए… और केमिकल से लाल हुए हाथों ने पूरे भ्रष्टाचार की पोल खोल दी।

PC Act में फंसे अफसर, अब और नाम आएंगे सामने?

ACB ने मौके से रिश्वत की रकम जब्त कर कमिश्नर पूनम चंद्र अग्रवाल और क्लर्क अनिल सिन्हा को हिरासत में ले लिया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है।