एमसीबी: झगराखांड थाना क्षेत्र में एसईसीएल के फिल्टर प्लांट में पंप ऑपरेटर दिलीप सिंह (35 वर्ष) ने दोपहर करीब 2 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से कर्मचारी और स्थानीय लोगों में सनसनी फैल गई।
घटना का विवरण
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दिलीप सिंह सुबह 7 बजे ड्यूटी पर पहुंचे थे। दोपहर तक दिखाई नहीं देने पर सहकर्मियों ने उनकी तलाश की।
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उनके वाहन प्लांट के पास खड़ा था और पुराने हाजरी घर के अंदर फांसी पर लटकी लाश मिली।
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घटना की सूचना झगराखांड पुलिस को दी गई, जिन्होंने मौके पर पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
आत्महत्या के कारण
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिलीप सिंह पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थे।
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उनके ऊपर 2 फरवरी 2025 की रात हुए एक सड़क हादसे में हत्या के मामले का आरोप चल रहा था।
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उस रात दिलीप सिंह शराब के नशे में अपनी महिंद्रा टीयूवी 300 चला रहे थे।
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हादसे में उनके जीजा रंजन सिंह गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई।
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दिलीप सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था और केस की सुनवाई जल्द होने वाली थी।
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कानूनी मामले और मानसिक तनाव के कारण दिलीप सिंह ने यह कदम उठाया।
एसईसीएल और परिवार का बयान
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एसईसीएल प्रशासन ने गहरा शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदनाएं जताईं।
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फिल्टर प्लांट के अधिकारी और सहकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को आवश्यक जानकारी दी।
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सहकर्मियों का कहना है कि दिलीप सिंह एक जिम्मेदार और मेहनती कर्मचारी थे, लेकिन कानूनी दबाव ने उन्हें इस क़दम पर मजबूर किया।
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पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आत्महत्या के कारण पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
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अधिकारियों ने सभी से अपील की कि अफवाहों और अटकलों पर भरोसा न करें।
क्षेत्र में प्रभाव
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यह घटना न केवल परिवार के लिए दुःखद है, बल्कि अन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भी चिंता और सदमे की स्थिति पैदा कर गई।
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एसईसीएल और पुलिस ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे मामलों में कर्मचारियों की मानसिक स्थिति पर भी ध्यान दिया जाएगा।
