Blood Group: A वाले लोगों में लिवर डैमेज का खतरा ज्यादा

नई दिल्ली: हम आम तौर पर अपना ब्लड ग्रुप इसलिए जानते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर खून चढ़ाया जा सके, सर्जरी से पहले जानकारी दी जा सके या मेडिकल फॉर्म भरा जा सके। लेकिन हाल के शोध बताते हैं कि ब्लड ग्रुप सिर्फ खून तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लिवर की गंभीर बीमारियों के जोखिम का भी संकेत दे सकता है।

स्टडी में क्या सामने आया?
‘Frontiers’ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में 1,200 से अधिक लोगों की जांच की गई, जिनमें 114 लोग ऑटोइम्यून लिवर डिजीज से पीड़ित थे। अध्ययन में ये पैटर्न सामने आया:

  • ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में ऑटोइम्यून लिवर डिजीज का खतरा सबसे ज्यादा था।

  • इसके बाद ब्लड ग्रुप O का नंबर आता है।

  • ब्लड ग्रुप B वालों में जोखिम कम पाया गया, खासकर Primary Biliary Cholangitis (PBC) में।

  • ब्लड ग्रुप AB वाले लोगों में रोग के मामले सबसे कम थे।

यह रिसर्च यह नहीं कहती कि ब्लड ग्रुप A वाले सभी लोग लिवर रोग से ग्रस्त होंगे, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण जोखिम संकेतक हो सकता है, खासकर जब थकान, मांसपेशियों में कमजोरी या जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण बार-बार दिखें।

ऑटोइम्यून लिवर डिजीज क्या है?
यह बीमारी जीवनशैली से नहीं होती। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से लिवर को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है।
Primary Biliary Cholangitis (PBC) में लिवर के बाइल डक्ट्स प्रभावित होते हैं, जिससे बाइल जमा होने लगता है और समय के साथ सूजन, स्कार और अंततः लिवर फेलियर तक की स्थिति बन सकती है।

ब्लड ग्रुप और लिवर बीमारी का संबंध
ब्लड ग्रुप रेड ब्लड सेल्स पर मौजूद खास एंटीजन से तय होता है। ये एंटीजन लिवर से जुड़ी ऑटोइम्यून प्रक्रियाओं में भूमिका निभा सकते हैं। स्टडी में पाया गया कि जिन ब्लड ग्रुप्स में ये एंटीजन कुछ खास पैटर्न में पाए जाते हैं, उनमें बीमारी के मामले अलग दिखते हैं।

सतर्क रहने के संकेत:
अगर आपका ब्लड ग्रुप A है या आप लिवर स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं, तो इन लक्षणों पर ध्यान दें:

  • लगातार थकान

  • मांसपेशियों में कमजोरी

  • जोड़ों में दर्द

  • बिना वजह वजन घटना

  • अपच या पेट भारी रहना

लिवर सुरक्षित रखने के उपाय:

  • अल्कोहल से दूरी: PBC जैसी स्थितियों में नुकसान बढ़ता है।

  • नमक सीमित मात्रा में लें: पेट में पानी जमा होने की संभावना कम होती है।

  • हेल्दी फूड: साबुत अनाज, दालें, फल, हरी सब्जियां, नट्स और ऑलिव ऑयल लिवर-फ्रेंडली हैं।

  • विटामिन D और कैल्शियम: PBC से प्रभावित लोगों के लिए हड्डियों को मजबूत बनाए रखना जरूरी।

  • नियमित एक्सरसाइज: वजन नियंत्रित और मांसपेशियां मजबूत रहती हैं।

  • स्मोकिंग छोड़ें: धूम्रपान लिवर की कार्यक्षमता पर असर डालता है।

  • प्रीवेंटिव चेक-अप: लिवर फंक्शन टेस्ट से बीमारी शुरुआती स्तर पर पकड़ी जा सकती है।

यह रिसर्च दर्शाती है कि ब्लड ग्रुप सिर्फ एक पहचान नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की संभावित चेतावनी भी हो सकता है।