किडनी स्टोन से बचाव: आयुर्वेद से आसान उपाय

नई दिल्ली: किडनी स्टोन या पथरी की समस्या आजकल हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही है। पेट में दर्द, पेशाब में जलन और कभी-कभी खून आने जैसे लक्षण इस समस्या से जुड़े होते हैं। हालांकि, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही मानते हैं कि सही जीवनशैली अपनाकर 90 प्रतिशत मामलों में पथरी बनने से रोका जा सकता है।

आयुर्वेद में पथरी को ‘अश्मरी’ कहा जाता है और यह कफ के जमाव और पित्त की अधिकता से बनती है। शरीर में पानी की कमी, कमजोर पाचन और गलत खान-पान से मिनरल्स आपस में चिपककर क्रिस्टल बना लेते हैं, जो धीरे-धीरे पथरी का रूप ले लेते हैं।

पथरी के मुख्य कारण:

  • दिन में 1.5 लीटर से कम पानी पीना

  • ज्यादा नमक, चाय-कॉफी, कोल्ड ड्रिंक का सेवन

  • ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे चॉकलेट, मूंगफली

  • लंबे समय तक पेशाब रोकना

  • तली-भुनी और फास्ट फूड का अधिक सेवन

संकेत और लक्षण:

  • पीठ और कमर के साइड में दर्द

  • पेशाब में जलन या खून आना

  • बार-बार पेशाब लगना

  • जी मिचलाना और भूख न लगना

आयुर्वेदिक बचाव के उपाय:

  • रोजाना 2.5–3 लीटर साफ पानी पिएं

  • सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पीएं

  • दिन में 1–2 गिलास नारियल पानी लें

  • खीरा, ककड़ी, तरबूज, मूंग दाल, हल्की खिचड़ी का सेवन करें

  • जीरा-धनिया-सौंफ का पानी उबालकर दिन में 2 बार पिएं

  • नियमित वॉक करें

  • तेज दर्द होने पर गर्म पानी की बोतल से कमर पर सेंक करें

सावधानियाँ:

  • अगर दर्द बहुत अधिक हो, पेशाब बंद हो जाए, तेज बुखार आए या उल्टी रुक न रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

  • नमक का सेवन कम करें, पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं

  • पेशाब रोकने से बचें और तली-मसालेदार खाने से दूरी बनाएं

इन सरल उपायों और सावधानियों को अपनाकर आप पथरी बनने से बच सकते हैं और किडनी की सेहत को बनाए रख सकते हैं।