डिजिटल विज्ञापन के बहकावे में आकर 30 लाख की ठगी — बिलासपुर में मेडिकल कॉलेज एडमिशन के नाम पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
सोशल मीडिया पर एडमिशन का झांसा देकर कारोबारी से 30 लाख रुपए उड़ाए, सिविल लाइन थाना पुलिस ने दर्ज की FIR
बिलासपुर। अगर आप भी सोशल मीडिया या डिजिटल विज्ञापन देखकर कॉलेज एडमिशन की योजना बना रहे हैं, तो सतर्क हो जाइए। बिलासपुर में एक कारोबारी से मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर 30 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिविल लाइन थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, व्यापार विहार रोड स्थित साईं शरण निवासी हेमंत मोदी ने सोशल मीडिया पर एक प्रतिष्ठित कॉलेज में सीधे एडमिशन का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर गौरव झा नामक व्यक्ति ने खुद को एजुकेशन कंसल्टेंसी संचालक बताया और अपने साथियों विनीत सिंह, शिवम शर्मा उर्फ गोपी और कृष्णा से मिलवाया। उन्होंने दावा किया कि उनकी एजेंसी का मुख्यालय वडगांव, पुणे (महाराष्ट्र) में है और वे नामी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन कराने का काम करते हैं।
एडमिशन प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए हेमंत मोदी 5 जून 2025 को पुणे मुख्यालय भी गए, जहां आरोपियों ने 100 प्रतिशत एडमिशन की गारंटी देने का झांसा दिया। उन्होंने अलग-अलग कॉलेजों के डोनेशन और एडमिशन प्रोसेस के नाम पर 30 लाख रुपए की मांग की। इस पर हेमंत मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से अलग-अलग किश्तों में 30 लाख रुपए आरोपियों के बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
पैसे लेने के बाद आरोपियों ने एडमिशन से संबंधित कोई दस्तावेज या प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया और बाद में संपर्क तोड़ लिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए सुराग खोजने की कोशिश की जा रही है।
