दुर्ग में नौकरी का झांसा: नेता समेत 4 फ्रॉड गिरफ्तार, 22 लाख की ठगी का खुलासा

दुर्ग। जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को ठगी का शिकार बनाने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह करीब 8 युवाओं से 22 लाख रुपए ठगी करने का आरोपित है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड मनोज साहू और उसके साथी नेता मुकेश वर्मा तथा मुकेश के भांजे रजत वर्मा ने फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर युवाओं को झांसा दिया।

महमरा निवासी दीपेश कुमार निषाद (26) ने 2 अक्टूबर को थाना पुलगांव (अंजोरा) में लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि मनोज साहू, मुकेश वर्मा और रजत वर्मा ने खाद निरीक्षक के पद पर नौकरी देने का झांसा देकर चार लाख रुपए की मांग की। दीपेश ने दो लाख रुपए नगद और ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों ने बाद में व्हाट्सऐप पर फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा, लेकिन नौकरी नहीं मिली और रकम भी वापस नहीं की गई।

जांच में पता चला कि गिरोह ने फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कराने के लिए भिलाई के महेश हिरावं की मदद ली थी। ज्वाइनिंग डेट बदलने और दस्तावेज तैयार करने का काम महेश करता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, मोबाइल और अन्य दस्तावेज जब्त किए।

पुलिस ने बताया कि मास्टरमाइंड मनोज साहू (40 वर्ष, अंजोरा, पुलगांव दुर्ग), रजत वर्मा (25 वर्ष, भिलाई नगर), मुकेश वर्मा (53 वर्ष, भिलाई नगर) और महेश हिरावं (63 वर्ष, हरिनगर, मोहन नगर) के खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए हैं।

स्थानीय पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी सरकारी नौकरी के लिए पैसे की मांग पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराई जाए।