छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल 13 दिन की EOW रिमांड पर, दीपेन चावड़ा से भी 29 सितंबर तक होगी कड़ी पूछताछ

रायपुर: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच में बड़ी कार्रवाई के तहत ईओडब्ल्यू (EOW) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 13 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। अब चैतन्य 6 अक्टूबर तक EOW रिमांड पर रहेंगे, इस दौरान उनसे कड़ी पूछताछ की जाएगी। इसी मामले में कस्टम मिलिंग घोटाले में गिरफ्तार दीपेन चावड़ा को भी 29 सितंबर तक रिमांड पर रखा गया है।

कड़ी सुरक्षा और कोर्ट पेशी:
आज EOW ने रायपुर स्पेशल कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट दाखिल कर चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल से कोर्ट में पेश किया गया। दोनों—चैतन्य और दीपेन—के मामले की सुनवाई कोर्ट में हुई।

जन्मदिन पर गिरफ्तारी और अवैध संपत्ति का खुलासा:
चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके जन्मदिन पर ED ने PMLA, 2002 के तहत भिलाई से गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शराब घोटाले से प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और लगभग 2,500 करोड़ रुपए का अवैध लाभ लाभार्थियों की जेब में गया।

ED की जांच में पता चला है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपए नगद मिले, जिन्हें उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश किया। इस राशि का इस्तेमाल ठेकेदारों को भुगतान और बैंकिंग प्रविष्टियों के माध्यम से किया गया। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैट खरीदने के बहाने 5 करोड़ रुपए अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त किए।

मुकदमे में कई बड़े नाम:
शराब घोटाले में पहले से गिरफ्तार बड़े नामों में पूर्व IAS अनिल टुटेजाअरविंद सिंहत्रिलोक सिंह ढिल्लोंअनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कवासी लखमा शामिल हैं। मामले की जांच अभी भी जारी है और EOW/ED टीम लगातार सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।