PM मोदी के 75वें जन्मदिन पर बाबा रामदेव का बड़ा ऐलान — क्या पतंजलि देंगी स्कूल टॉपर्स को रु. 51,000 तक नकद इनाम? 750 स्थानों पर शुरू होंगे फ्री मेडिकल कैंप

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने एक कार्यक्रम में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस ख़ास मौके पर CBSE और विभिन्न स्टेट बोर्डों के टॉप प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रतिभा पुरस्कार दिए जाएंगे — राशि के रूप में ₹51,000, ₹21,000 और ₹11,000 के पुरस्कारों का जिक्र किया गया। पतंजलि का उद्देश्य—”विद्या को गौरव देना और बच्चों के जज़्बात जगाना”—बताया गया।

बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री मोदी की लंबी आयु की कामना करते हुए उन्हें हिमालय जैसा व्यक्तित्व वाला और देश के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं की प्रेरणा से बच्चे और युवा आगे बढ़ते हैं और यही सोच एक चाय वाले के बेटे को प्रधानमंत्री बनाती है।

फ्री मेडिकल कैंप — 750 स्थानों पर सुविधा
बाबा रामदेव ने यह भी घोषणा की कि देश के 750 स्थानों पर निशुल्क मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में क्रॉनिक डिजीज, फैटी लिवर और लीवर सिरोसिस जैसे मामलों के इलाज और निशुल्क औषधि वितरण की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़नी चाहिए, वरना विदेशी दवाइयों और मेडिकल माफिया की पकड़ बनी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट मामले और निशाना
पत्रकारों के एक प्रश्न पर बाबा रामदेव ने कहा कि हाल में पतंजलि को झूठे विज्ञापन के आरोपों में सुप्रीम कोर्ट तक खींचा गया, लेकिन उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा किया कि उस षड्यंत्र को उजागर किया गया। इस संदर्भ में उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया पर यह साफ किया कि वे गलत आरोपों के खिलाफ खड़े हैं।

नए विश्व क्रम (New World Order) में भारत की भूमिका
बाबा रामदेव ने वैश्विक संदर्भ पर भी अपने विचार व्यक्त किये। उनका कहना था कि दुनिया में नए विश्व क्रम बन रहे हैं और भारत की इसमें अहम भूमिका होगी। उन्होंने आर्थिक महत्त्वाकांक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को और अधिक ऊँचाइयों पर ले जाना होगा और यह काम तभी संभव होगा जब समृद्धि को सम्मान मिलेगा।

शिक्षा-व्यवस्था पर कटाक्ष
बाबा रामदेव ने शिक्षा पर मॅकाले के निशाने और ‘विदेशी क़लंक’ के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य वही होगा जो भारतीय प्रतिभा को एक नया मंच दे — बच्चे सोशल मीडिया और अन्य विकर्षणों में फँसकर अपनी प्रतिभा खो न दें। उन्होंने कहा कि यह केवल मोदी का नहीं, 150 करोड़ भारतीयों का सपना होना चाहिए कि भारत वैश्विक महाशक्ति बने।


क्या बदलने वाला है?
पतंजलि की इन घोषणाओं से जुड़े अनुपालन और क्रियान्वयन के विवरण, जैसे पुरस्कार देने की पात्रता, चयन प्रक्रिया, मेडिकल कैंप कहाँ-कहाँ होंगे तथा कैंपों में उपलब्ध विशेषज्ञता के स्तर की जानकारी जल्द ही सामने आना अपेक्षित है। पतंजलि या संबंधित शिक्षा बोर्ड से आधिकारिक शेड्यूल/गाइडलाइन जारी होने पर ही इन पहलुओं की पुष्टि की जा सकेगी।