पेपर लीक बिल से पहले NDA की बड़ी रणनीति! PM मोदी ने सांसदों को दिया खास ‘गुरु मंत्र’, पहली बार बैठक में पहुंचे ममता के बागी सांसद

नई दिल्ली। संसद में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर प्रस्तावित चर्चा से पहले मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक ‘मंगल मिलन’ आयोजित हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को संबोधित किया और पेपर लीक कानून पर होने वाली चर्चा को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक की खास बात यह रही कि पहली बार ममता बनर्जी के बागी सांसद भी इसमें शामिल हुए।

पीएम मोदी ने सांसदों को दिया ‘गुरु मंत्र’

संसद भवन में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक कानून संशोधन विधेयक पर होने वाली बहस को लेकर सांसदों से प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने का आग्रह किया। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित भाजपा और एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के सांसद भी मौजूद रहे।

पहली बार शामिल हुए ममता के बागी सांसद

इस बार की बैठक में पहली बार नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसदों को भी आमंत्रित किया गया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर NCPI में शामिल हुए सुदीप बंद्योपाध्याय, काकोली घोष, शताब्दी रॉय, शर्मिला सरकार और मिताली बाग समेत पार्टी के अन्य सांसदों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। उनकी मौजूदगी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पिछली बैठक में छात्रों के समर्थन का दिया था संदेश

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह आयोजित ‘मंगल मिलन’ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि केंद्र सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने NEET पेपर लीक को राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

क्या है ‘मंगल मिलन’?

‘मंगल मिलन’ एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक है, जिसमें संसद के मौजूदा सत्र, सरकार की रणनीति, महत्वपूर्ण विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाती है। संसद में सरकार की रणनीति तय करने के लिहाज से इस बैठक को बेहद अहम माना जाता है।

आज संसद में पेपर लीक कानून पर होगी बड़ी बहस

करीब एक सप्ताह से NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच मंगलवार को लोकसभा में मानसून सत्र की पहली बड़ी विधायी बहस होने की संभावना है। लोकसभा की कार्यसूची में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा और उसे पारित कराने का प्रस्ताव शामिल है।

सोमवार को भी सरकार इस विधेयक पर चर्चा कराना चाहती थी, लेकिन विपक्ष ने CJP के नेतृत्व में आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए जोरदार हंगामा किया। लगातार बाधा के कारण चर्चा नहीं हो सकी। अब सभी की नजरें मंगलवार की बहस पर टिकी हैं, जिसे संसद के गतिरोध को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।