मंदसौर/श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। बालटाल से श्रीनगर की ओर जा रही श्रद्धालुओं से भरी एक यात्री बस गंदेरबल जिले के रंगा मोड़ के पास अनियंत्रित होकर करीब 50 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार गूंज उठी।
बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त बस भगवती यात्रा कंपनी की थी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर AR 11 D5655 है।
40 श्रद्धालु घायल, गंभीर घायलों को SKIMS सौरा भेजा गया
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह बस आधिकारिक अमरनाथ यात्रा काफिले (Convoy) का हिस्सा नहीं थी और बालटाल से श्रीनगर की ओर जा रही थी। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और खाई में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
सभी घायलों को पहले उप-जिला अस्पताल कंगन ले जाया गया। इसके बाद गंभीर रूप से घायल 40 यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए SKIMS सौरा (श्रीनगर) रेफर किया गया।
राहत की खबर, किसी श्रद्धालु की मौत नहीं
फिलहाल राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी श्रद्धालु की मौत की सूचना नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार कई यात्रियों को सिर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान के श्रद्धालु घायल
हादसे में घायल हुए यात्रियों की पहचान कर ली गई है। इनमें बड़ी संख्या मध्य प्रदेश और राजस्थान के श्रद्धालुओं की है।
मध्य प्रदेश के घायल श्रद्धालु:
दिनेश, रिजवान, मुकेश, राहुल, प्रेम भाई, ललिता, राजेश कुमार, किशोर पंडित, चंद्रलाल, गायत्री, विश्वास राठौड़, यशोदा, देविंदर राठौड़, मीरा, सागर लाल कुमार, सालक राम, इंद्र और चंदर कंतन।
राजस्थान के घायल श्रद्धालु:
विद्या, नीलम, सीता भाई, कनाया, गरूड़, ममिता जयवाल, सीमा भाई, पूनिका राठौड़, ईश्वर लाल, प्राक राज, हरि प्रकाश, प्रीलेथ पवन, संपत भाई, संगीता, हीरा भाई, लक्ष्मी, शिखा, सुपिंदर राठौड़, चंदा, पार्वती, गोविंद और नपेंद्र सिंह।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका बस के अनियंत्रित होने की जताई जा रही है, हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज के लिए अस्पतालों को आवश्यक निर्देश दिए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
