जेल की सलाखों के पीछे था छात्र, NEET देने की जिद पहुंची हाईकोर्ट… फिर आया ऐसा आदेश जिसने सबको चौंका दिया

 

बिलासपुर। NEET-2026 परीक्षा से ठीक पहले एक ऐसा मामला सामने आया जिसने कानूनी और शैक्षणिक दोनों हलकों में चर्चा छेड़ दी है। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद एक आरोपी छात्र को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शामिल होने की अनुमति देने का आदेश छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जारी किया है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने मामले की तत्काल सुनवाई करते हुए छात्र को 21 जून को आयोजित होने वाली NEET परीक्षा में शामिल होने की अनुमति प्रदान की। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्र को कड़ी पुलिस सुरक्षा और उचित हिरासत में परीक्षा केंद्र तक ले जाया जाए तथा परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद वापस जेल पहुंचाया जाए।

जानकारी के अनुसार आवेदक छात्र को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 108 के तहत दर्ज अपराध के मामले में खमतराई थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में वह रायपुर केंद्रीय जेल में निरुद्ध है। छात्र की ओर से अधिवक्ता अनुकूल विश्वास ने हाईकोर्ट में अंतरिम आवेदन प्रस्तुत कर अस्थायी राहत की मांग की थी।

याचिका में बताया गया कि छात्र NEET-2026 का परीक्षार्थी है और उसकी परीक्षा 21 जून को रायपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय में आयोजित होनी है। आवेदन के साथ परीक्षा का प्रवेश पत्र भी प्रस्तुत किया गया। साथ ही जेल में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया ताकि छात्र परीक्षा की तैयारी कर सके।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस ने अर्जेंट हियरिंग स्वीकार करते हुए रायपुर पुलिस अधीक्षक और जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि छात्र को निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कोर्ट ने कहा कि शिक्षा का अवसर किसी भी अभ्यर्थी से केवल इस आधार पर नहीं छीना जा सकता कि वह न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में है, बशर्ते सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाए।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि मामले में अभी तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। इसलिए प्रकरण को तीन सप्ताह बाद दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। साथ ही आदेश की प्रति ट्रायल कोर्ट, रायपुर पुलिस अधीक्षक और संबंधित जेल अधीक्षक को तत्काल भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इस फैसले को शिक्षा के अधिकार और न्यायिक संतुलन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब छात्र पुलिस निगरानी में परीक्षा देगा और परीक्षा समाप्त होते ही उसे पुनः जेल भेज दिया जाएगा।