रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य सरकार जल्द ही ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान शुरू करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी अभियान का उद्देश्य प्रदेश के हर पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और योजनाओं के शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण को सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचें। सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर जरूरतमंद परिवार को उनका वास्तविक लाभ मिले। इसी सोच को साकार करने के लिए ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान की शुरुआत की जा रही है।
यह अभियान प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित किया जाएगा। इसके तहत सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, कृषि, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और खाद्य सुरक्षा सहित 31 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक संतृप्तिकरण किया जाएगा।
सरकार को इस दिशा में ‘नियद नेल्लानार’ योजना की सफलता से प्रेरणा मिली है। बस्तर संभाग में शुरू हुई इस योजना ने दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच मजबूत की और हजारों पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा। अब उसी मॉडल को पूरे प्रदेश में विस्तार देते हुए ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान लागू किया जा रहा है।
अभियान की खास बात यह होगी कि विभिन्न विभागों की योजनाओं को एकीकृत मंच पर लाकर पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाएगी और उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए ग्राम स्तर तक सर्वेक्षण किया जाएगा और विशेष शिविरों का आयोजन कर लोगों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) एक अत्याधुनिक डिजिटल डैशबोर्ड विकसित करेगी। इस डैशबोर्ड के जरिए राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों की संख्या और संतृप्तिकरण की स्थिति रियल टाइम में देखी जा सकेगी। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
अभियान को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में सर्वेक्षण और डेटा संग्रह होगा, दूसरे चरण में विशेष शिविरों के माध्यम से हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा और तीसरे चरण में निरंतर समीक्षा एवं मूल्यांकन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ केवल एक सरकारी अभियान नहीं बल्कि नागरिक केंद्रित सुशासन का व्यापक मॉडल है। इसका उद्देश्य हर परिवार को विकास, सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि से जोड़ना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान प्रदेश में सुशासन के नए मानक स्थापित करेगा और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति देगा।
राज्य सरकार का मानना है कि जब हर पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचेगा और किसी भी परिवार को सरकारी सुविधाओं से वंचित नहीं रहना पड़ेगा, तभी सही मायनों में ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ का सपना साकार होगा।
