रायपुर: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। करीब 170 दिन बाद रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आने पर जेल के बाहर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जमा हो गए। स्वागत में ढोल-नगाड़े बजाए गए और चैतन्य बघेल को कंधे पर बैठाकर झूमते हुए देखा गया।
रिहाई से पहले भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चैतन्य को 18 जुलाई को उसके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था और आज उसी दिन उसकी रिहाई हुई। भूपेश बघेल खुद अपने बेटे को लेने जेल पहुंचे।
जाँच एजेंसियों के अनुसार यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि चैतन्य बघेल इस शराब सिंडिकेट का मुख्य संरक्षक था और उसने लगभग 1,000 करोड़ रुपए का लेन-देन व्यक्तिगत रूप से संभाला। वहीं एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) के अनुसार चैतन्य बघेल को हिस्से के तौर पर 200 से 250 करोड़ रुपए मिले। इस पूरे घोटाले की कुल राशि 3,200 करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है।
यह रिहाई राजनीतिक और कानूनी दोनों ही स्तर पर काफी चर्चा का विषय बनी हुई है।
