बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में राजस्व रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश पर ग्राम निनवा में पदस्थ पटवारी अम्बा उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर निजी स्वामित्व वाली जमीन के राजस्व अभिलेखों और नक्शे में नियमों के विरुद्ध बदलाव करने का आरोप है।
बिना न्यायालय के आदेश बदले गए रिकॉर्ड
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बेमेतरा की जांच में पाया गया कि पटवारी हल्का क्रमांक-40 में पदस्थ अम्बा उपाध्याय ने खसरा क्रमांक 184/1 और 184/2 के राजस्व अभिलेखों में सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना फेरबदल किया।
अधिकारियों के मुताबिक, राजस्व रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार का संशोधन निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाद ही किया जा सकता है। नियमों की अनदेखी कर किया गया यह बदलाव गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और कदाचार माना गया।
भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित कार्रवाई छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 115 एवं 116 के प्रावधानों के विपरीत की गई। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की अनियमितताएं भविष्य में भूमि विवादों को जन्म दे सकती हैं, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया गया।
निलंबन के दौरान बेमेतरा तहसील रहेगा मुख्यालय
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत पटवारी अम्बा उपाध्याय को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बेमेतरा निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
दूसरे पटवारी को सौंपा गया अतिरिक्त प्रभार
राजस्व कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए पटवारी हल्का क्रमांक-26 में पदस्थ मेघनाथ वर्मा को ग्राम निनवा के पटवारी हल्का क्रमांक-40 का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
कलेक्टर ने दिया सख्त संदेश
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने स्पष्ट किया है कि राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़, सरकारी कार्यों में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
