RJD परिवार में उभरता ‘S3’ संकट: तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल, पारिवारिक कलह सतह पर


दो दशक पहले S1 और S2 के प्रभाव की तरह अब तेजस्वी और उनके करीबी संजय यादव के बीच पैदा हुआ तनाव

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में RJD के खराब प्रदर्शन के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में आंतरिक कलह खुलकर सामने आई है। दो दशक पहले साधु यादव (S1) और सुभाष यादव (S2) के प्रभाव के दौर की तरह अब संघर्ष का केंद्र तेजस्वी यादव और उनके करीबी सहयोगी संजय यादव (S3) बन गए हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, तेजस्वी के नेतृत्व और संजय यादव की भूमिका को लेकर परिवार के भीतर विवाद बढ़ गया है। पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद रोहिणी आचार्य ने खुलकर संजय यादव को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि उनके कारण उन्हें घर छोड़ना पड़ा। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर भी तेजस्वी और उनके करीबी सहयोगियों की आलोचना जारी रखी।

इसके अलावा, लालू परिवार के अन्य सदस्य भी विवाद में शामिल हैं। तेज प्रताप यादव ने अपने तलाक विवाद और 2025 विधानसभा चुनाव से पहले अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई। उन्होंने कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे और महुआ सीट पर RJD के नुकसान में भूमिका निभाई। तेज प्रताप ने संजय यादव पर हमला करते हुए उन्हें “जयचंद” कहा और परिवार में उत्पीड़न की जांच की मांग भी की।

तेजस्वी यादव अब अपने बड़े भाई-बहन की महत्वाकांक्षाओं, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी और अपने करीबी सलाहकारों की भूमिका को संभालने के दबाव में हैं। एक विधायकों की बैठक में तेजस्वी भावुक हो गए और कहा, “पार्टी देखूं या परिवार?” इस पर लालू प्रसाद ने हस्तक्षेप किया और विधायकों से कहा कि यह उनका आंतरिक मसला है जिसे वह सुलझा लेंगे।

RJD के लिए यह दौर पारिवारिक और राजनीतिक संकट का है, जिसमें तेजस्वी यादव को नेतृत्व और परिवार के झगड़ों के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।