फरीदाबाद के डॉक्टर से जुड़े तीन विदेशी हैंडलर्स और एक कर्नल स्तर का संदिग्ध आरोपी सामने आया, दक्षिण भारत की घटनाओं से भी जुड़ाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट मामले की जांच में एक और बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी मुजम्मिल अहमद गनई को एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के ज़रिए बम बनाने के 42 वीडियो भेजे गए थे, जो यह दर्शाता है कि आतंकवादी मॉड्यूल कितनी संगठित तरीके से काम कर रहा था।
जांच में सामने आए तीन कथित विदेशी हैंडलर्स के नाम हैं: हंजुल्लाह, निसार और उकासा। पुलिस ने बताया कि हंजुल्लाह ने कथित तौर पर डॉ. गनई को बम बनाने के 40 से अधिक वीडियो भेजे। गनई ही विस्फोटकों के भंडारण की व्यवस्था कर रहा था।
डॉ. गनई को लाल किले विस्फोट से लगभग 10 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। उसके ठिकानों से 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट सहित 2,500 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी।
जांच में एक और महत्वपूर्ण हैंडलर मोहम्मद शाहिद फैसल (उर्फ ‘कर्नल’, ‘लैपटॉप भाई’) भी सामने आया। फैसल ने पहले 2020 में कर्नाटक और तमिलनाडु में बम धमाकों के लिए आतंकी मॉड्यूल के साथ समन्वय किया था। वह बेंगलुरु का इंजीनियरिंग ग्रेजुएट है और हाल ही में सीरिया-तुर्की बॉर्डर पर मौजूद बताया गया।
जांच के सूत्रों के अनुसार, दिल्ली विस्फोट का यह मॉड्यूल दक्षिण भारत की आतंकी घटनाओं से भी जुड़ा हो सकता है, जैसे कि कोयंबटूर में हुए सुसाइड कार बम धमाके से योजना और ऑपरेशन की कई समानताएं हैं।
कोयंबटूर में 23 अक्टूबर 2022 को हुए धमाके में मैकेनिकल इंजीनियर जेमशा मुबीन की मौत हुई थी। जांच में यह पाया गया कि मुबीन ने कार में LPG धमाका और IED का इस्तेमाल किया था। विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री में पोटेशियम नाइट्रेट, रेड फॉस्फोरस, PETN पाउडर और बैटरी शामिल थी।
सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में मॉड्यूल की संरचना और दक्षिण भारत से कनेक्शन की गहन जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसे आतंकवादी प्रयासों को रोका जा सके।
