रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज विधानसभा के पुराने प्रांगण को विदाई दी और इस ऐतिहासिक स्थल से जुड़ी अपनी अनमोल यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि यह परिसर उनके सार्वजनिक जीवन का गौरवशाली अध्याय रहा है, जहां उन्होंने जनता की आकांक्षाओं और संघर्षों को व्यक्त करने का अनमोल अवसर पाया।
विजय शर्मा ने विधानसभा परिसर की हर गली, हर सत्र और हर चर्चा को अपने जीवन की अमूल्य धरोहर बताया। उनके अनुसार यह भवन केवल पत्थरों और स्तंभों का ढांचा नहीं है, बल्कि उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का मौन साक्षी रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही भवन अब अतीत का हिस्सा बन गया है, लोकतंत्र के प्रति उनकी निष्ठा और जनता के प्रति जवाबदेही में कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने अपने अनुभवों और सीख को साझा करते हुए कहा कि यह स्थल उनके लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का केंद्र रहा है।
उन्होंने विधानसभा परिसर को लोकतंत्र की जीवंत धरोहर और जनता की उम्मीदों का प्रतीक बताते हुए कहा, “भवन बदला है, दौर बदल रहा है, पर लोकतंत्र के प्रति हमारी निष्ठा और छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के लिए हमारा संकल्प अटल है।”
इस अवसर पर विधानसभा सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री के अनुभवों और योगदान की सराहना की। विजय शर्मा ने सभी को जय छत्तीसगढ़ और जय हिंद की शुभकामनाएं भी दी।
