रायपुर। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज छत्तीसगढ़ सरकार की महत्त्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना की 21वीं किश्त जारी करेंगे। इस अवसर पर वे राजनांदगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन में शामिल होकर 69 लाख से अधिक लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रुपए की राशि का ऑनलाइन हस्तांतरण करेंगे।
इस बार की किश्त में विशेष रूप से बस्तर संभाग की 7,658 महिलाओं को पहली बार इस योजना का लाभ मिलेगा। ये वे महिलाएं हैं जो माओवाद से मुक्त हुए उन गांवों की निवासी हैं, जिन्हें राज्य सरकार के माओवाद उन्मूलन अभियान के अंतर्गत बीते 22 महीनों में शांति का क्षेत्र घोषित किया गया है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार की प्रमुख पहल है। इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है।
अब तक 20 किश्तों में कुल 13,024 करोड़ 40 लाख रुपए की राशि महिलाओं को वितरित की जा चुकी है। आज 21वीं किश्त के रूप में 647.28 करोड़ रुपए और जारी होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 13,671 करोड़ 68 लाख रुपए तक पहुंच जाएगा।
बस्तर के शांति गांवों तक पहुंची विकास की रोशनी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर बस्तर संभाग में माओवाद के प्रभाव से मुक्त हुए गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “नियद नेल्ला नार योजना” शुरू की गई है।
इस योजना के तहत 327 गांवों में तेजी से विकास कार्य जारी हैं। इन्हीं गांवों की 7,658 महिलाओं को पहली बार महतारी वंदन योजना के तहत 76 लाख 26 हजार 500 रुपए की सहायता राशि मिलेगी।
राज्य सरकार का यह कदम न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा परिवर्तन है, बल्कि माओवाद प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
