चार आरोपी गिरफ्तार, परिजनों ने ही रची थी मौत की साजिश

बिलासपुर। थाना गस्तुरी चौकी मल्हार क्षेत्र में हुई सुपारी हत्या की सनसनीखेज साजिश का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। परिजनों द्वारा ही रची गई इस साजिश ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया था।

घटना का क्रम

26 सितंबर 2025 की सुबह प्रार्थी बृहस्पति श्रीवास ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी बहन सतरूपा श्रीवास घर का दरवाजा खोल रही थीं। तभी दो नकाबपोश बदमाशों ने लाठी से उन पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे बृहस्पति को भी गंभीर चोटें आईं। घायलों को जे.जे. हॉस्पिटल, बिलासपुर ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने सतरूपा की चोटों को खतरनाक (डेंजर नेचर ऑफ इंजरी) बताया।

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

जांच में पता चला कि यह हमला पूर्व नियोजित था। तनौद निवासी नूतन कर्ष और टेकराम केंवट ने करीब चार महीने पहले सतरूपा को मारने के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी ली थी। 70 हजार रुपये एडवांस भी दिए गए थे। 25 सितंबर को आरोपी मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 11 AX 7334) से मल्हार पहुंचे और अगले दिन सुबह हमला कर दिया।

साजिश के पीछे की वजह

सतरूपा के पति तारकेश्वर श्रीवास की मृत्यु के बाद पत्नी को पेंशन और बेटी को अनुकंपा नियुक्ति मिलने वाली थी। इसी लाभ के लालच में सतरूपा के देवर विष्णु प्रसाद श्रीवास और नंदोई कृष्ण श्रीवास ने हत्या की योजना बनाई और सुपारी दिलवाई।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने आरोपियों से दो लाठियां, कपड़े और मोटरसाइकिल जब्त की। गिरफ्तार आरोपियों के नाम –

  • नूतन कर्ष (28 वर्ष), निवासी तनौद, थाना शिवरीनारायण, जिला जांजगीर-चांपा।

  • टेकराम केंवट (30 वर्ष), निवासी तनौद, थाना शिवरीनारायण।

  • कृष्ण कुमार श्रीवास (38 वर्ष), निवासी तनौद, थाना शिवरीनारायण।

  • विष्णु प्रसाद श्रीवास (35 वर्ष), निवासी ग्राम मेड, थाना पचपेड़ी, जिला जांजगीर-चांपा।

सभी को 1 अक्टूबर 2025 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

पुलिस टीम की भूमिका

थाना गस्तुरी चौकी मल्हार पुलिस टीम ने घटना का तेजी से खुलासा किया। थाना पचपेड़ी और जांजगीर जिला पुलिस ने भी सहयोग प्रदान किया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया।

इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।