बिलासपुर। जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक देवर ने अपनी ही भाभी और भतीजी की हत्या कराने के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी। वजह थी SECL में अनुकंपा नियुक्ति पर कब्जा जमाना। लेकिन उसकी यह खौफनाक साजिश पुलिस की सक्रियता से नाकाम हो गई। पुलिस ने इस मामले में देवर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
ऐसे रची गई खून की साजिश
मामला मल्हार चौकी के खईयापारा गांव का है। सतरूपा श्रीवास अपनी बेटी बृहस्पति श्रीवास के साथ रहती थी। शुक्रवार रात खाना खाने के बाद मां-बेटी सो गई थीं। सुबह दरवाजा खोलते ही नकाबपोश दो हमलावरों ने उन पर डंडों से हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर महिला भी बाहर आई, जिस पर भी बेरहमी से प्रहार किया गया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं, हालांकि पड़ोसियों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया और उनकी जान बच गई।
पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जांच में सामने आया कि महिला का पति तारकेश्वर श्रीवास SECL में नौकरी करता था। उसकी मौत के बाद पेंशन और बेटी को अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी। इसी पर कब्जा जमाने के लिए महिला का देवर विष्णु प्रसाद श्रीवास ने अपने रिश्तेदार कृष्ण श्रीवास के साथ मिलकर साजिश रची। उन्होंने तनौद के नूतन कर्ष और टेकराम केंवट को हत्या की सुपारी दी थी। सौदा 5 लाख में तय हुआ था और 70 हजार रुपये एडवांस भी दे दिए गए थे।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने साजिश का पर्दाफाश करते हुए चारों आरोपियों— विष्णु प्रसाद श्रीवास, कृष्ण श्रीवास, नूतन कर्ष और टेकराम केंवट—को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से वारदात में इस्तेमाल बाइक और डंडा भी बरामद हुआ है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
