नाले के किनारे लावारिस शवों का अंतिम संस्कार! बारिश में शव बाहर आने का आरोप, लोगों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

 

अंबिकापुर। लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था को लेकर अंबिकापुर जिला प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। समाजसेवियों और वार्डवासियों का आरोप है कि लावारिस शवों का अंतिम संस्कार नाले के किनारे किया जाता है, जिसके कारण बारिश के मौसम में स्थिति खराब हो जाती है। उनका दावा है कि बारिश के पानी और आवारा कुत्तों के कारण कई बार शवों के बाहर निकल आने की स्थिति बन जाती है।

प्रदर्शन कर प्रशासन से मांगा स्थायी समाधान

इसी समस्या को लेकर समाजसेवियों और वार्डवासियों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से लावारिस शवों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए अलग और उचित स्थान निर्धारित करने की मांग की है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी जिला प्रशासन और नगर निगम को कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला।

मांग नहीं मानी तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोगों ने कहा कि लावारिस शवों के अंतिम संस्कार के लिए उचित व्यवस्था करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

मामले में अब प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर लोगों की नजर है।