अंबिकापुर: शहर में बैंक खाते से बिना अनुमति करीब 65 लाख रुपये की निकासी का मामला सामने आया है। डी.एच.टी. केयर हॉस्पिटल, चौपाटी पारा अंबिकापुर के प्रबंधक स्तानिस्लास टोप्पो ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि अस्पताल के बंधन बैंक खाते से उनकी जानकारी, सहमति और अनुमति के बिना बड़ी रकम निकाल ली गई।
शिकायत में सुशील कुमार राय और नवीन द्विवेदी के नाम कथित तौर पर इस लेन-देन से जुड़े होने की बात कही गई है। हालांकि, पूरे मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
बिना अनुमति रकम निकाले जाने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने सुशील कुमार राय और नवीन द्विवेदी को बैंक खाते से किसी भी तरह की रकम निकालने या लेन-देन करने की अनुमति नहीं दी थी।
इसके बावजूद खाते से करीब 65 लाख रुपये की राशि निकलने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी रकम की निकासी से गंभीर आर्थिक नुकसान होने की बात कही है।
बैंक रिकॉर्ड और CCTV खंगालने की मांग
मामले की निष्पक्ष और तत्काल जांच के लिए शिकायतकर्ता ने पुलिस से कई अहम रिकॉर्ड जुटाने की मांग की है।
इनमें बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजेक्शन डिटेल, विड्रॉल स्लिप/ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, KYC दस्तावेज और संबंधित मोबाइल एवं बैंकिंग रिकॉर्ड शामिल हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इन रिकॉर्ड की जांच से यह पता चल सकता है कि खाते से रकम किस माध्यम से, किस व्यक्ति द्वारा और किन परिस्थितियों में निकाली गई।
अस्पताल से जुड़े दूसरे खातों की जांच की भी मांग
शिकायत में यह आशंका भी जताई गई है कि अस्पताल से संबंधित रकम को अन्य बैंक खातों में जमा या ट्रांसफर किया गया हो सकता है।
इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने सुशील कुमार राय और नवीन द्विवेदी से जुड़े बैंक खातों के साथ-साथ अस्पताल से संबंधित वित्तीय लेन-देन की भी जांच कराने की मांग की है।
इसके अलावा कथित तौर पर निकाली गई 65 लाख रुपये की राशि की बरामदगी और वापसी के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया गया है।
बैंक स्टेटमेंट और दस्तावेज पुलिस को सौंपे
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के साथ बैंक खाते का स्टेटमेंट और उपलब्ध संबंधित ट्रांजेक्शन दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे हैं।
अब पुलिस जांच में बैंकिंग रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 65 लाख रुपये की निकासी किस तरीके से हुई, रकम कहां गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
फिलहाल यह मामला शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
