बिहार के गयाजी में शुक्रवार (14 अगस्त, 2026) को एक पुराने कुएं में उतरे पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई. घटना डोभी प्रखंड के गढ़ करमौनी गांव की है. हादसे की खबर मिलते ही गांव के लोगों की भीड़ जुट गई. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची.
इसके बाद राहत बचाव का कार्य शुरू हुआ. करीब 45 मिनट तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला.
कुएं में मोटर को करना था ठीक
बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण पुराने कुएं में मोटर ठीक करने के लिए उतरा था. कुएं के अंदर जाते ही संभवत: जहरीली गैस के प्रभाव से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. वह पानी में छटपटाने लगा. पिता को परेशानी में देख उसका बेटा भी उसे बचाने के लिए कुएं में जा उतरा.
इसके बाद दो अन्य लोग भी पिता-पुत्र को बचाने के प्रयास में कुएं में उतर गए. कुछ ही देर में चारों की हालत गंभीर हो गई और उनकी मौत हो गई.
मौके पर पहुंची अग्निशमन की टीम
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया. कुएं से शवों को बाहर निकालने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम को बुलाया गया. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जहरीली गैस का असर इतना तेज था कि फायर ब्रिगेड के कर्मी भी बेहोश हो गए. इलाज के लिए अस्पताल भेजना पड़ा.
काफी मशक्कत के बाद कुएं से सारे शवों को बाहर निकाला गया. स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया. हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है. मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
मृतकों में विजय चौधरी, विकास चौधरी, दिलचंद मांझी और चमारी मांझी शामिल हैं. मृतकों में विजय चौधरी और विकास चौधरी दोनों पिता पुत्र हैं. घटना के बाद गांव में हड़कंप मचा है. खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया था.
