266 की यूरिया 850 में बेच रहा था व्यापारी… किसान बनकर पहुंचे अफसर ने खोला ऐसा राज, मच गया हड़कंप

जांजगीर-चांपा। जिले में खाद की कालाबाजारी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। किसानों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे जिले के खाद कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया। कृषि विभाग के उप संचालक खुद किसान बनकर खाद खरीदने पहुंचे और कुछ ही मिनटों में उस खेल का पर्दाफाश हो गया, जिसकी शिकायत किसान लंबे समय से कर रहे थे।

मामला जिला मुख्यालय स्थित नेताजी चौक के नानकचंद नंदकिशोर कृषि केंद्र का है, जहां शासन द्वारा निर्धारित 266 रुपये 50 पैसे की यूरिया किसानों को करीब तीन गुना अधिक कीमत पर बेची जा रही थी। जैसे ही सच्चाई सामने आई, कृषि विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए दुकान सील कर दी और 1400 से अधिक बोरी खाद जब्त कर ली।

किसान बनकर पहुंचे अधिकारी, दुकानदार ने खुद फंसा दिया खुद को

किसानों की शिकायतों की हकीकत जानने के लिए कृषि विभाग के उप संचालक राकेश कुमार शर्मा ने सरकारी वाहन और पहचान छिपाकर किसान का रूप धारण किया। वे सामान्य किसान की तरह कृषि केंद्र पहुंचे और तीन बोरी यूरिया खरीदने की मांग की।

बताया जा रहा है कि संचालक ने आधार कार्ड लेकर पॉस मशीन में एंट्री तो की, जहां शासन द्वारा निर्धारित मूल्य 266 रुपये 50 पैसे प्रति बोरी दिखाई गई, लेकिन बिल दिए बिना तीन बोरी यूरिया के बदले 2550 रुपये वसूल लिए। यानी एक बोरी के लिए करीब 850 रुपये लिए गए।

एक इशारे पर पहुंची टीम, खुल गया पूरा खेल

जब दुकानदार ने निर्धारित कीमत से कई गुना अधिक रकम वसूल ली, तब उप संचालक ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बुला लिया। अचानक हुई कार्रवाई से दुकान संचालक के होश उड़ गए।

जांच के दौरान गोदाम से भारी मात्रा में यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरक बरामद किए गए। विभाग ने 1400 से अधिक बोरी खाद जब्त कर दुकान को सील कर दिया।

किसानों की जेब पर डाका, विभाग ने दिखाई सख्ती

खाद की कालाबाजारी से किसान लंबे समय से परेशान हैं। आरोप है कि कई निजी कृषि केंद्र संचालक शासन की ऑनलाइन व्यवस्था और निर्धारित दरों को नजरअंदाज कर किसानों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उप संचालक बोले- अब ऐसे ही होगी छापेमारी

कृषि विभाग के उप संचालक राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इसके बावजूद कुछ व्यापारी कालाबाजारी से बाज नहीं आ रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभाग आगे भी इसी तरह गुप्त और छापामार कार्रवाई करता रहेगा। जो भी व्यापारी किसानों से अधिक कीमत वसूलते हुए पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी बार पकड़े गए तो होगी कानूनी कार्रवाई

इस कार्रवाई के बाद जिलेभर के खाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यापारी दोबारा खाद की कालाबाजारी करते पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

किसान बनकर की गई इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़े गोरखधंधे का खुलासा किया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि अब खाद की कालाबाजारी करने वालों पर विभाग की पैनी नजर है।