सरकारी डॉक्टर का सीक्रेट क्लिनिक! 100 मीटर के अंदर चल रहा था काला खेल, एक्स-रे और सोनोग्राफी पर बड़ा खुलासा


RTI के बाद मचा हड़कंप, बिना अनुमति मशीनें चलाने और नियम तोड़ने के गंभीर आरोप, अब जांच की मांग तेज

सूरजपुर: सूरजपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामानुजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से पदस्थ एक सरकारी डॉक्टर पर आरोप है कि वह अपनी शासकीय जिम्मेदारियों को दरकिनार कर निजी क्लिनिक के जरिए अवैध रूप से चिकित्सा सेवाएं संचालित कर रहा है। यह मामला तब और संदिग्ध हो गया जब शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए RTI के बाद कुछ दस्तावेजों में जल्दबाजी में बदलाव और पंजीयन की बात सामने आई।

शिकायत के अनुसार संबंधित डॉक्टर द्वारा सरकारी अस्पताल से महज 100 मीटर की दूरी पर निजी क्लिनिक चलाया जा रहा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज किया जाता है। आरोप है कि यह पूरा काम डॉक्टर के ड्यूटी समय में ही होता है, जिससे सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों की अनदेखी हो रही है। क्लिनिक में निजी स्टाफ रखकर इसे पूरी तरह व्यावसायिक रूप दे दिया गया है, जो नियमों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इस निजी क्लिनिक में पिछले दो वर्षों से बिना किसी वैधानिक अनुमति के एक्स-रे और सोनोग्राफी जैसी संवेदनशील जांच सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य नियमों के अनुसार बिना पंजीयन और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के इस प्रकार की रेडियोलॉजी सेवाएं चलाना गंभीर अपराध है, जो सीधे तौर पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ माना जाता है।

शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार पाण्डेय ने 17 फरवरी 2026 को इस पूरे मामले की जानकारी जुटाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में RTI आवेदन लगाया था। इसके बाद जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया। आरोप है कि RTI के बाद मामले को दबाने और अनियमितताओं को वैध दिखाने के लिए 21 फरवरी 2026 को जल्दबाजी में एक एक्स-रे सेंटर का पंजीयन किया गया, जो कई सवाल खड़े करता है।

इस पूरे प्रकरण को लेकर अब निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग उठ रही है। शिकायत में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि यह मामला न सिर्फ शासकीय सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि चिकित्सा आचार संहिता और कानून के भी खिलाफ है। साथ ही अवैध रूप से संचालित एक्स-रे और सोनोग्राफी मशीनों को तत्काल सील करने और दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

अब देखना यह होगा कि इस गंभीर आरोपों वाले मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या वाकई इस ‘सीक्रेट क्लिनिक’ के पीछे छिपे सच से पर्दा उठ पाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।