छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक सनसनीखेज शिकायत सामने आई है, जहां 27 वर्षीय अधिवक्ता विशाल साहू ने सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को आवेदन देकर अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताया है।
आवेदन में दर्रीपारा निवासी गुरप्रीत सिंह सिद्धू पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, आवेदक पिछले तीन वर्षों से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में प्रैक्टिस कर रहे हैं और क्षेत्र के एक सक्रिय अधिवक्ता हैं।
शिकायत में कहा गया है कि अनावेदक के खिलाफ थाना अंबिकापुर क्षेत्र में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आवेदक का आरोप है कि उक्त व्यक्ति व्यक्तिगत और राजनीतिक द्वेष के चलते उन्हें लगातार परेशान कर रहा है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि थाना मणिपुर के अपराध क्रमांक 329/2025 में आवेदक को कथित रूप से झूठा आरोपी बनाया गया। आवेदन में दावा किया गया है कि रात्रि लगभग 2 बजे एफआईआर दर्ज करवाई गई और मीडिया में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की गई। “खुलेआम घूम रहा आरोपी, क्यों नहीं हो रही गिरफ्तारी?”
आवेदन में यह भी उल्लेख है कि थाना मणिपुर में अपराध क्रमांक 22/2026 के तहत विभिन्न धाराओं सहित एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज है, जिसमें त्वरित गिरफ्तारी और विशेष न्यायालय में विचारण का प्रावधान है।
इसके बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी खुलेआम शहर और कार्यालयों में घूम रहा है, जिससे पीड़ित परिवार दहशत में है।


आवेदक ने पुलिस प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं—
आरोपी का नाम गुंडा/निगरानी सूची में दर्ज कर सख्त निगरानी।
अपराध क्रमांक 22/2026 में तत्काल गिरफ्तारी।
आवेदक और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
भविष्य में किसी भी एफआईआर में नाम जोड़ने से पहले निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों का सत्यापन।
इस शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक, अंबिकापुर को भी भेजी गई है।
यह मामला सामने आने के बाद शहर में कई सवाल खड़े हो गए हैं—
क्या प्रशासन त्वरित कार्रवाई करेगा?
क्या आरोपी की गिरफ्तारी होगी या सियासी दबाव भारी पड़ेगा?
फिलहाल, पूरा मामला पुलिस प्रशासन के संज्ञान में है। अब देखना होगा कि सरगुजा रेंज में कानून का डंडा चलता है या फिर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला और गहराता है।