CG की सड़कों पर मौत का कहर! डिवाइडर से टकराई ऑडी, इंजन फटा… वहीं दूसरी जगह युवक की गई जान

तेज रफ्तार बनी हादसों की वजह, एक घायल तो एक की मौत—रात भर कांपी राजधानी

Raipur News | रायपुर: राजधानी रायपुर में बीती रात सड़कें हादसों की गवाह बनीं। अलग-अलग जगहों पर हुए दो भीषण सड़क हादसों ने एक ओर जहां एक युवक की जान ले ली, वहीं दूसरी ओर तेज रफ्तार ऑडी कार के एक्सीडेंट में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों ही मामलों में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।

 रिंग रोड पर बेकाबू ऑडी, डिवाइडर से टकराकर इंजन फटा

रिंग रोड नंबर-2 स्थित राजेंद्र नगर ओवरब्रिज के पास देर रात एक तेज रफ्तार ऑडी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पोल से जा टकराई।
हादसा इतना जबरदस्त था कि

  • कार का इंजन फट गया

  • बोनट पूरी तरह चपटा हो गया

  • सड़क पर तेल फैल गया, जिससे वहां से गुजर रहे कुछ राहगीर भी फिसलकर गिर पड़े

कार क्रमांक CG-04-Q-4411 का चालक इस हादसे में घायल हो गया, जिसे कमर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।

 सड़क पर फैला तेल, बाल-बाल बचे लोग

हादसे के बाद सड़क पर फैले तेल की वजह से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने घायलों की मदद की और यातायात को संभालने की कोशिश की।

 गढ़ कलेवा के पास दर्दनाक हादसा, 26 वर्षीय युवक की मौत

दूसरी ओर, गढ़ कलेवा के पास एक और दर्दनाक सड़क हादसे में 26 वर्षीय आमिन कुमार की मौत हो गई।
मृतक शाहिद हामिद नगर का निवासी था और अपनी इलेक्ट्रॉनिक ओला स्कूटी (CG-04-QH-2853) से शंकर नगर से घर लौट रहा था।

तेज रफ्तार और लापरवाही के चलते स्कूटी डिवाइडर से टकरा गई, जिससे आमिन कुमार को

  • दाहिने भौंह

  • सीने

  • और घुटने में गंभीर चोटें आईं।

 अस्पताल पहुंचते ही तोड़ दिया दम

घटना के तुरंत बाद डायल 112 की मदद से आमिन कुमार को मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया

 पुलिस जांच में जुटी

सिविल लाइन थाना में पदस्थ सउनि नागेंद्र सिंह ने

  • मर्ग क्रमांक 52/2025 दर्ज कर

  • शव पंचनामा किया

  • परिजनों के बयान लिए

  • और घटना स्थल का निरीक्षण किया

पुलिस के अनुसार, मामले में धारा 106(1) बीएनएसएस (BNS) के तहत मर्ग कायम कर विवेचना की जा रही है।


❗ खौफनाक सवाल

एक ही रात, दो बड़े हादसे…
👉 क्या रायपुर की सड़कों पर तेज रफ्तार अब मौत का दूसरा नाम बन चुकी है?
👉 कब जागेगा सिस्टम और कब थमेंगे ऐसे हादसे?

राजधानी में बढ़ते सड़क हादसे अब सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि जिंदगी और मौत का सवाल बनते जा रहे हैं।