ड्यूटी से नदारद पंचायत सचिव निलंबित, धान घोटाले पर राइस मिल सील

जिले में लापरवाही और नियम उल्लंघन पर प्रशासन का सख्त रुख

बलरामपुर: जिले में प्रशासनिक अनुशासन और नियमों के पालन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर एक पंचायत सचिव को निलंबित किया गया है, वहीं धान उठाव के बावजूद चावल जमा नहीं करने पर एक राइस मिल को सील कर दिया गया है।

निरीक्षण में अनुपस्थित मिला पंचायत सचिव, तत्काल निलंबन

कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत विजयनगर, जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के पंचायत सचिव सिद्धार्थ शंकर हालदार ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। जानकारी के अनुसार, 26 दिसंबर को चेकपोस्ट रामानुजगंज के निरीक्षण के समय उनकी ड्यूटी सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित थी, लेकिन वे मौके पर मौजूद नहीं थे।

इसे कार्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए जिला पंचायत सीईओ ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के उल्लंघन के तहत की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत बलरामपुर निर्धारित किया गया है।

धान उठाव के बाद चावल नहीं किया जमा, राइस मिल सील

वहीं दूसरी ओर, जिले में धान उपार्जन व्यवस्था में लापरवाही पर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विकासखंड राजपुर के ग्राम कोटगगहना स्थित मित्तल राइस मिल को सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

गुरुवार को अपर कलेक्टर और एसडीएम राजपुर की मौजूदगी में जब राइस मिल का निरीक्षण किया गया, तो मिल का मुख्य गेट बंद मिला और परिसर में कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था। मिल संचालक से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं किया।

एक भी क्विंटल चावल जमा नहीं

खाद्य विभाग के अनुसार, विपणन वर्ष 2024-25 में मित्तल राइस मिल ने 3320 क्विंटल धान का उठाव किया था, जिसके बदले 2246.64 क्विंटल चावल जमा किया जाना था। लेकिन निरीक्षण की तिथि तक एक भी क्विंटल चावल जमा नहीं किया गया।

प्रशासन ने इसे कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 का गंभीर उल्लंघन मानते हुए राइस मिल को सील कर दिया है।

प्रशासनिक कार्रवाई से साफ है कि जिले में लापरवाही और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अब सख्ती बरती जा रही है।