DSP कल्पना वर्मा के खिलाफ राज्यपाल से शिकायत

निलंबन और चल-अचल संपत्ति की जांच की मांग तेज

रायपुर: राजधानी में पदस्थ DSP कल्पना वर्मा के खिलाफ मामले ने तूल पकड़ लिया है। सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस डेका को शिकायत भेजकर डीएसपी वर्मा के निलंबन तथा उनकी चल-अचल संपत्ति की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में तत्काल कड़ी कार्रवाई की अपील की गई है।

स्वतंत्र जांच समिति की मांग

कुणाल शुक्ला ने राज्यपाल को भेजे पत्र में कहा है कि मामले की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय समिति तुरंत गठित की जाए, ताकि प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके।

DSP को निलंबित करने की मांग

शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि जांच पूरी होने तक डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित किया जाए और संबंधित पुलिस अधिकारियों को गैर-प्रभावी पदों पर भेजा जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो।

ईडी, आयकर और लोकायुक्त से जांच की मांग

पत्र में आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और एसीबी/लोकायुक्त को भी शामिल कर डीएसपी की चल-अचल संपत्ति की विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शीघ्र शुरू करने का आग्रह भी किया गया है।

कारोबारी ने लगाए थे गंभीर आरोप

बता दें कि रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन ने अक्टूबर में खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि डीएसपी कल्पना वर्मा और उनके परिजनों ने उनसे पैसे, गाड़ी और ज्वैलरी ली, लेकिन बाद में सामान वापस नहीं किया।

कारोबारी के अनुसार, थाने में शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मामला मीडिया में आने के बाद खम्हारडीह पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन पुलिस अधिकारी इस मामले में अधिकृत जानकारी देने से बचते रहे।