जेल में कांग्रेस नेता की संदिग्ध मौत से बस्तर में बंद

जगदलपुर: रायपुर सेंट्रल जेल में कांकेर के कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत के विरोध में बस्तर संभाग पूरी तरह बंद रहा। सर्व आदिवासी समाज के बस्तर बंद के आह्वान का इतना व्यापक असर देखने को मिला कि जगदलपुर, सुकमा, कांकेर, भानुप्रतापपुर सहित सातों जिलों में सुबह से ही बाजार पूरी तरह बंद नजर आए। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और जगह–जगह विरोध प्रदर्शन किए गए। जगदलपुर में समाज के लोगों ने बाइक रैली निकालकर बंद को सफल बनाया।

कांग्रेस ने भी बस्तर बंद का समर्थन किया। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जीवन ठाकुर की मौत राजनीतिक प्रताड़ना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ठाकुर को फर्जी FIR में जेल भेजा गया था और जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी मृत्यु हुई। बैज ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया और दोषी तहसीलदार तथा पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

क्या है पूरा मामला?

12 अक्टूबर 2025 को जमीन विवाद मामले में जीवन ठाकुर को गिरफ्तार कर कांकेर जेल में भेजा गया था। 2 दिसंबर को उन्हें बिना सूचना के रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया। जेल प्रशासन का दावा है कि तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां 4 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।
वहीं परिजनों का कहना है कि जीवन ठाकुर बिल्कुल स्वस्थ थे, और उन्हें समय पर इलाज नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि बिना सूचना के जेल शिफ्ट करना पूरी तरह संदिग्ध है और यही मौत का कारण बना।

न्यायिक जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायपुर ने इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

बस्तर संभाग में आज का बंद इस बात का संकेत है कि आदिवासी समाज और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरी नाराज़गी है और वे न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।