जिला अस्पताल बलौदाबाजार बना देश का दूसरा क्वालिटी सर्टिफाइड लैब

बलौदाबाजार: जिले ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिला अस्पताल बलौदाबाजार की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (IPHL) को भारत सरकार के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस प्रोग्राम (NQAS) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। यह लैब देश एवं राज्य की द्वितीय प्रमाणित लैब बन गई है।

इस उपलब्धि के लिए जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, जनप्रतिनिधि और कलेक्टर दीपक सोनी ने बधाई दी।

IPHL का मूल्यांकन 11 सितंबर 2025 को किया गया। टीम ने लैब की कार्यप्रणाली, मरीज केंद्रित सेवाएँ, गुणवत्ता नियंत्रण, समयबद्ध रिपोर्टिंग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की। परिणामस्वरूप, लैब को 88% स्कोर के साथ प्रमाणन मिला, जो स्वास्थ्य गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानकों में उत्कृष्ट श्रेणी में आता है।

बलौदाबाजार की लैब में प्रतिदिन 1,000 से 1,200 जांचें की जाती हैं और 100 से अधिक प्रकार की लैब टेस्टिंग उपलब्ध है। अत्याधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित तकनीशियनों और समयबद्ध रिपोर्टिंग की वजह से जिले के हजारों मरीजों को राहत मिल रही है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को अब जांच के लिए शहर या निजी लैब्स में जाने की आवश्यकता नहीं है।

इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे पैथोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित सभी जांच सुविधाएँ मिलें। इससे जांच की गति और विश्वसनीयता बढ़ती है और लोग महंगी निजी लैब्स पर निर्भर नहीं रहते।

NQAS मानकों में साफ-सफाई, सुरक्षा, रोगी संतुष्टि, रिकॉर्ड प्रबंधन, तकनीकी गुणवत्ता, उपकरण कैलिब्रेशन, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और स्टाफ क्षमता निर्माण जैसे बिंदुओं का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। बलौदाबाजार की IPHL ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की।