रायपुर निगम में फर्जी बिलिंग और घटिया निर्माण की जांच शुरू, विधायक की शिकायत पर गठित हुई समिति


तात्यापारा और जोन-5 के निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप, तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति ने शुरू किया औपचारिक निरीक्षण

रायपुर। रायपुर नगर निगम के विभिन्न जोनों में किए जा रहे निर्माण कार्यों में लाखों रुपए की अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विधायक राजेश मूणत ने तात्यापारा क्षेत्र में सीसी रोड, नाली-नाले पर स्लैब और जोन-5 में शेड निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत निगम आयुक्त से की थी। शिकायत में फर्जी बिलिंग और घटिया निर्माण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

नगर निगम आयुक्त ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो 21 नवंबर 2025 से औपचारिक जांच शुरू करेगी।

शिकायत में उठाए गए मुख्य आरोप:

  • तात्यापारा वार्ड हांडीपारा क्षेत्र में नाली के ऊपर 10 लाख रुपए की लोहे की जाली लगाने में गड़बड़ी।

  • तात्यापारा वार्ड के हनुमान मंदिर के पास 10 लाख रुपए के मंच शेड के स्लैब निर्माण में गुणवत्ता और भुगतान संबंधी अनियमितताएं।

  • हांडीपारा में बने सीसी रोड निर्माण की कुल लागत 9.69 लाख रुपए, और निगम कालोनी शिव नगर के नाले पर बने आरसीसी लेटर कव्हर का मूल्य 10 लाख रुपए संदिग्ध।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कार्यों की स्वीकृति पूरी राशि के अनुसार दी गई, लेकिन कम सामग्री, घटिया गुणवत्ता और अधूरी निर्माण प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।

जांच समिति की जिम्मेदारियां:

  • समिति में शामिल हैं संजय बांगडे, अधीक्षण अभियंता (लोककर्म), अंशुल शर्मा, कार्यपालन अभियंता और शैलेंद्र पटेल, सहायक अभियंता

  • समिति निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षणरजिस्टर और बिलिंग रिकॉर्ड की जांच, और ठेकेदारों एवं अधिकारियों से पूछताछ करेगी।

  • जांच का उद्देश्य निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का निष्पक्ष सत्यापन करना है।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे।