CII छत्तीसगढ़ ने सफलतापूर्वक आयोजित किया एमएसएमई कॉन्क्लेव 2025

दो दिवसीय कॉन्क्लेव में 450 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया भाग, एमएसएमई क्षेत्र के विकास और नवाचार पर हुई चर्चा

रायपुर। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) छत्तीसगढ़ ने 19–20 नवंबर 2025 को दो दिवसीय CII MSME कॉन्क्लेव 2025 का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश और आसपास के राज्यों के 450 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कॉन्क्लेव का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता, उत्पादकता और क्षमता बढ़ाना था।

प्रथम दिन: 5S प्रशिक्षण सत्र
19 नवंबर को कॉन्क्लेव की शुरुआत 5S प्रशिक्षण कार्यक्रम से हुई, जिसमें 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस सत्र का उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों में कार्यस्थल उत्कृष्टता और सुव्यवस्थित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना था।

दूसरे दिन: उद्घाटन सत्र और कॉन्फ्रेंस
20 नवंबर को आयोजित उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में श्री लखन लाल देवांगन, माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, छत्तीसगढ़ उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य में एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने, नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर प्रकाश डाला।

अन्य प्रमुख अतिथियों में शामिल थे:

  • श्री राजीव अग्रवाल, चेयरमैन, CSIDC

  • सुश्री अंकिता पांडे, IRS, निदेशक, MSME मंत्रालय, भारत सरकार

  • श्री संजय जैन, चेयरमैन, CII छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल

  • श्री बजरंग गोयल, वाइस चेयरमैन, CII छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल

  • श्री आदित्य मुंद्रा, कन्वीनर, CII छत्तीसगढ़ MSME पैनल

  • श्री इरफान बुखारी, को-कन्वीनर, CII छत्तीसगढ़ MSME पैनल

कॉन्फ्रेंस और ज्ञान-सत्र
उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित कॉन्फ्रेंस में 250+ प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान चार नॉलेज-सत्र आयोजित किए गए, जिनमें एमएसएमई क्षेत्र की वित्तीय अवसर और चुनौतियाँ, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (EoDB), निर्यात एवं बाज़ार रणनीतियाँ और SMEs से बड़ी कंपनियों तक की यात्रा जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

प्रदर्शनी और तकनीकी प्रदर्शन
कॉनक्लेव के दौरान 8 से अधिक प्रदर्शकों ने उन्नत तकनीक, आधुनिक मशीनरी और उत्पादकता बढ़ाने वाले उपकरण प्रदर्शित किए। इससे एमएसएमई क्षेत्र में तकनीकी उन्नयन और नवाचार को प्रोत्साहन मिला।

CII छत्तीसगढ़ के अनुसार, यह कॉन्क्लेव उद्योग और उद्यमियों के बीच ज्ञान-वृद्धि, सहयोग और नेटवर्किंग का सफल मंच साबित हुआ।