गरियाबंद। जिले में प्रतिबंधित संगठन सीपीआई माओवादी के तीन इनामी नक्सलियों ने हिंसा और विनाश का मार्ग छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों में शामिल हैं:
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नागेश उर्फ रामा कवासी – 1 लाख ईनामी, हथियार सुरका के साथ आत्मसमर्पण।
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जैनी उर्फ देवे मडकम – 1 लाख ईनामी, ओडिसा स्टेट कमेटी सदस्य प्रमोद उर्फ पाण्डु के गार्ड।
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मनीला उर्फ सुंदरी कवासी – 1 लाख ईनामी, सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य।
सोमवार को जिला पुलिस सभा कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी निखिल अशोक राखेजा ने बताया कि नागेश उर्फ रामा कवासी ग्राम तर्रेम, जिला बीजापुर का निवासी है। वर्ष 2022 में उसे पामेड़ एरिया कमेटी-डीव्हीसी (पाण्डू) ने नक्सली संगठन में भर्ती कराया था। वह गरियाबंद के डीजीएन डिवीजन में सक्रिय रहते हुए धमतरी के ग्राम एकावरी मुठभेड़ में शामिल रहा।
जैनी उर्फ देवे मडकम, ग्राम इतगुडेम, जिला बीजापुर की निवासी, वर्ष 2016 में 16 साल की उम्र में जनमिलिशिया में शामिल हुई। अक्टूबर 2017 में ओडिशा क्षेत्र गई और दिसंबर 2023 में वापस गरियाबंद आई।
तीसरी नक्सली मनीला उर्फ सुंदरी कवासी, ग्राम जैगूर, जिला बीजापुर की निवासी, को जुलाई 2020 में नक्सली संगठन में भर्ती कराया गया। भर्ती के बाद उसे कृषि कार्य और संगठन के विभिन्न कार्यों में लगाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये तीनों नक्सली कई प्रमुख नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। उनके आत्मसमर्पण से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी।
