भिलाई। दुर्ग, भिलाई, रायपुर और कोरबा के कई डॉक्टरों के लिए बिटकॉइन निवेश अब दुःस्वप्न बन गया है। पिछले कुछ महीनों में ये डॉक्टर बड़ी जल्दी और उत्साह में इस डिजिटल करेंसी में करोड़ों रुपये निवेश कर बैठे। शुरुआत में यह निवेश आसान और तेज़ कमाई का माध्यम लगता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह उलट गई है।
डॉक्टरों ने बताया कि उनकी शुरुआत फास्ट मनी की लालसा से हुई। एक के बाद एक, उन्होंने अपने परिचितों और सहयोगियों को भी इस निवेश में शामिल किया। लेकिन उनकी लालच इतनी बढ़ गई कि उन्होंने ठगों द्वारा बनाए गए जाल में फंसने का अंदाजा नहीं लगाया।
शुरुआत में निवेश सुरक्षित प्रतीत हुआ, लेकिन असलियत यह थी कि लेन-देन किसी मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म या सुरक्षित माध्यम पर नहीं हो रहा था। अब जब ऐप बंद हो गया और निवेश फर्जी साबित हो गया है, डॉक्टर सिर्फ अपने पैसे ही नहीं खो रहे, बल्कि अपनी इज्जत और सम्मान बचाने की जद्दोजहद में उलझे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि अब उनके लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि कैसे परिचितों और परिवार के सामने इस स्थिति को समझाया जाए।
