आबकारी घोटाले में नया मोड़: चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश, अब EOW की गिरफ्त में… आगे क्या होगा?

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाले में बुधवार को एक बड़ा घटनाक्रम हुआ। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद आरोपी चैतन्य बघेल को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के प्रोडक्शन वारंट पर विशेष अदालत (ACB/EOW स्पेशल कोर्ट) में पेश किया गया। अदालत में पेश होते ही EOW ने बघेल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया और उसके पुलिस रिमांड की मांग रख दी। अब सबकी नजर इस पर है कि अदालत उसे कितने दिनों तक EOW की कस्टडी में सौंपती है।

इस घोटाले की जांच पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है, लेकिन अब EOW और ACB की बढ़ती सक्रियता ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। चैतन्य बघेल पहले से ही ईडी की गिरफ्त में जेल में था, मगर अब उसे दोहरी जांच का सामना करना पड़ रहा है।

इधर, गिरफ्तारी से बचने के लिए बघेल ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कर दी है, लेकिन सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई। इससे पहले भी उसकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।

गौरतलब है कि पिछली बार हाईकोर्ट के आदेश ने उसकी गिरफ्तारी टाल दी थी, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। EOW का दावा है कि पूछताछ बेहद जरूरी है क्योंकि घोटाले से जुड़े नए वित्तीय लेन-देन और अधिकारियों-व्यापारियों की सांठगांठ के सबूत सामने आए हैं। माना जा रहा है कि बघेल से पूछताछ के बाद कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।