भिलाई से सरेंडर करने पहुंचे पूर्व मुख्य सचिव, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत खारिज की – अब दो हफ्ते ED कस्टडी में, दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में!
रायपुर: बहुचर्चित नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में बुधवार को बड़ा मोड़ आया। रिटायर्ड IAS और पूर्व मुख्य सचिव आलोक शुक्ला ED की विशेष कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे और गिरफ्तार हो गए। इसके साथ ही इस घोटाले में संलिप्त अन्य आरोपी, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा की भी जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, कोर्ट में ED ने 28 दिन का रिमांड आवेदन भी दायर किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक कार्रवाई विधिवत तरीके से की जाएगी। ED के वकील ने बताया कि दोनों अधिकारियों को पहले दो हफ्ते ED की कस्टडी में रखा जाएगा, उसके बाद दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में।
घोटाले की कहानी और भी चौंकाने वाली है। फरवरी 2015 में नागरिक आपूर्ति निगम के 25 परिसरों पर छापे मारे गए थे। इस दौरान 3.64 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए और घटिया गुणवत्ता वाले चावल व नमक का मामला सामने आया। आरोप था कि राइस मिलों से करोड़ों रुपए की रिश्वत लेकर घटिया चावल खरीदे गए थे।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने डॉ. शुक्ला और अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसी कारण पिछले दिनों ED की टीम ने भिलाई स्थित आलोक शुक्ला के घर पर दबिश दी थी।
भूपेश सरकार में पॉवरफुल पोस्टिंग मिलने के बावजूद दोनों अफसरों पर जांच प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। नान घोटाले ने न केवल जनता के लिए लेकिन प्रशासनिक परिदृश्य में भी भूचाल ला दिया है।
गौरतलब है कि इस मामले की जांच अब ED की विशेष टीम कर रही है और हर कदम पर हाई-प्रोफाइल जांच जारी है। अब सबकी नजरें कोर्ट और ED की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
