सूरजपुर: प्रभारी सीईओ पर 3 लाख की रिश्वतखोरी का आरोप, पंचायत प्रतिनिधियों ने दिया चक्काजाम का ऐलान

सूरजपुर (प्रतापपुर): प्रतापपुर जनपद पंचायत में प्रशासनिक और राजनीतिक उठापटक लगातार तेज हो रही है। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा सीईओ जयगोविंद गुप्ता को प्रभार दिलाने के आंदोलन में नया मोड़ आ गया है। राज्य शासन ने गुरुवार को अचानक आदेश जारी कर सीईओ जयगोविंद गुप्ता को सीतापुर जनपद में स्थानांतरित कर दिया। उनके स्थान पर फिर से प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह प्रतापपुर जनपद का कार्यभार संभालने पहुंचे।

इस फैसले के बाद पंचायत प्रतिनिधि फिर से आक्रोशित हो उठे हैं। जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य और सरपंचों ने शुक्रवार को एसडीएम को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह को हटाने की मांग की। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो 23 सितंबर को जनपद के मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया जाएगा और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन भी शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही पंचायतों में होने वाले सभी शासकीय कार्य भी रोके जाने की चेतावनी दी गई है।

गंभीर आरोप

ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि पूर्व कार्यकाल में उन्होंने ग्राम पंचायत कनकनगर में कार्य स्वीकृत कराने के नाम पर 3 लाख रुपए की रिश्वत ली। इसके अलावा, पंचायतों में हुए 15वें वित्तीय वर्ष के कार्यों की जांच के नाम पर भी अवैध वसूली की गई।

नाराजगी और विरोध

सरपंच संघ के अध्यक्ष नंददेव सिंह केराम का कहना है कि प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह की कार्यशैली ठीक नहीं है। वे पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय नहीं रखते और पंचायत विकास कार्यों का अनुभव भी नहीं रखते। बावजूद इसके उन्हें पंचायतों में जबरन थोपना, प्रतिनिधियों के लिए अस्वीकार्य है।

प्रतापपुर जनपद में प्रशासनिक उलटफेर और विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक और पंचायत कार्यों पर भारी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।