RBI का बड़ा झटका! अब PhonePe–Paytm से किराया नहीं भर पाएंगे

नई दिल्ली। अगर आप हर महीने PhonePe, Paytm या Cred जैसे फिनटेक ऐप्स से क्रेडिट कार्ड के जरिए किराया भरते थे, तो अब संभल जाइए। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसके बाद इन कंपनियों ने किराया भुगतान की सुविधा पूरी तरह बंद कर दी है।

 क्या है RBI की नई गाइडलाइन?

15 सितंबर 2025 को RBI ने पेमेंट एग्रीगेटर (PA) और पेमेंट गेटवे (PG) से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया।

  • अब कोई भी Payment Aggregator केवल उन्हीं व्यापारियों (Merchants) के लिए पेमेंट प्रोसेस कर सकेगा, जिनसे उसका सीधा कॉन्ट्रैक्ट है।

  • मार्केटप्लेस मॉडल पर पेमेंट की अनुमति नहीं होगी।

  • लेन-देन की रकम केवल उन्हीं खातों में जाएगी जिनका पूरा KYC और वेरिफिकेशन हो चुका है।

इसका मतलब साफ है—मकान मालिक को तभी पेमेंट हो पाएगा, जब वह मर्चेंट की तरह ऑनबोर्डेड हो और उसका पूरा KYC पूरा हो। व्यवहार में यह मॉडल बहुत मुश्किल है, इसलिए फिनटेक कंपनियों ने किराया पेमेंट सर्विस बंद कर दी।

 क्यों था किराया पेमेंट इतना लोकप्रिय?

किराया भुगतान फिनटेक कंपनियों और यूजर्स दोनों के लिए फायदेमंद सौदा था।

  • यूजर्स क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाकर रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक पाते थे।

  • कंपनियां इस पर कन्वीनियंस फ़ीस वसूलकर मोटा मुनाफा कमाती थीं।

  • बैंकों को भी कार्ड स्पेंड बढ़ने का सीधा फायदा मिलता था।

लेकिन, RBI को यह मॉडल KYC कंप्लायंस की कमी और दुरुपयोग की संभावना के चलते जोखिम भरा लगा।

 पहले भी लगे थे झटके

  • जून 2024: HDFC बैंक ने फिनटेक ऐप्स से किराया भुगतान पर 1% अतिरिक्त शुल्क लगाया।

  • मार्च–अप्रैल 2024: ICICI और SBI Cards ने रिवॉर्ड पॉइंट्स बंद कर दिए।

  • मार्च 2024: PhonePe, Paytm, Mobikwik, Freecharge और Amazon Pay ने सेवा रोक दी थी, लेकिन बाद में कुछ ने KYC के साथ फिर शुरू की।

 अब क्या होगा असर?

  • अब यूजर्स PhonePe, Paytm और Cred पर क्रेडिट कार्ड से किराया नहीं भर पाएंगे।

  • उन्हें फिर से NEFT, IMPS, UPI बैंक ट्रांसफर या चेक जैसे पुराने तरीकों का सहारा लेना होगा।

  • सबसे बड़ा नुकसान होगा—रिवॉर्ड्स और कैशबैक का खेल पूरी तरह खत्म।