पखांजुर/कांकेर। एक ओर नक्सल संगठन सरकार से शांति वार्ता की पेशकश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बलों का एंटी नक्सल अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से लगी गढ़चिरौली के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो नक्सली मारे गए। मौके से AK-47 रायफल समेत भारी मात्रा में हथियार और नक्सल सामग्री जब्त की गई।
गढ़चिरौली के जंगलों में मुठभेड़
जानकारी के अनुसार, गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली थाना क्षेत्र के जंगलों में सी-60 कमांडो की टीम गश्त पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में जवानों ने दो नक्सलियों को ढेर कर दिया। घटनास्थल से AK-47 रायफल, गोलाबारूद और नक्सल संगठन से जुड़ा अन्य सामान बरामद किया गया है।
कांकेर पुलिस की नई रणनीति
इधर, कांकेर जिले में पुलिस ने मोस्ट वांटेड नक्सलियों की तलाश तेज करने के लिए नई पहल शुरू की है। अंदरूनी गांवों और बाजारों में पोस्टर-बैनर लगाए जा रहे हैं, जिनमें कुख्यात नक्सलियों की तस्वीरें और उन पर घोषित इनाम की जानकारी दी गई है। इनमें बसंती आंचला, पुष्पा हेमला, रोनी उर्फ उमा, रामा कुंजाम, सरवन मड़कम और रामको मंडावी जैसे नाम शामिल हैं। इनाम की राशि एक लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक तय की गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नक्सलियों के बारे में सूचना दें, उनका नाम-पता पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और उचित इनाम दिया जाएगा।
शांति वार्ता पर नक्सल संगठन का पत्र
इस बीच नक्सल संगठन की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय का एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि नक्सली सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार हैं और हथियार छोड़कर सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर काम करना चाहते हैं। पत्र में केंद्र सरकार से एक महीने का समय और सीजफायर की मांग की गई है ताकि बातचीत की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
सरकार का रुख
छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसकी सत्यता की जांच की जाएगी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि नक्सलवाद के खिलाफ चल रहा अभियान किसी भी हाल में रुकेगा नहीं।
