नई दिल्ली। केंद्र सरकार 1 अक्टूबर से नए ऑनलाइन गेमिंग कानून के नियम लागू करने जा रही है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि संसद से पास हुए बिल (Online Gaming Promotion & Regulation Bill, 2025) और उससे जुड़े नियम अब अमल में आएँगे।
मुख्य बातें — संक्षेप में
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कानून को राष्ट्रपति ने मंजूरी दी: 22 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधेयक को मंजूरी दी।
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लक्ष्य: ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को प्रोत्साहन देना, वहीं हानिकारक ऑनलाइन मनी-गेमिंग सेवाओं, उनके विज्ञापनों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन पर प्रतिबंध लगाना।
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नियम तैयार: सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों, हितधारकों, बैंकों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ कई चरणों में परामर्श कर नियम अंतिम किए हैं। नियम लागू करने से पहले उद्योग के साथ एक और बैठक करने का संकेत दिया गया है — और अगर कंपनियों को अतिरिक्त समय चाहिए तो वह भी परामर्श के आधार पर विचार किया जाएगा।
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एआई और डेटा नियमन के अपडेट:
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एआई गवर्नेंस फ्रेमवर्क 28 सितंबर को जारी होगा — यह सुरक्षा सीमाएँ और जांच-तंत्र पर निर्देश देगा, हालांकि फ्रेमवर्क निर्देशात्मक (binding) नहीं होगा।
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Digital Personal Data Protection (DPDP) नियम भी 28 सितंबर के आसपास जारी किए जाने की बात कही गई।
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भविष्य की परिकल्पना: सरकार का फोकस एआई-कौशल विकास और डोमेन-विशेष समाधानों पर है; AI इंपैक्ट शिखर सम्मेलन फरवरी 2026 में होगा।
किन लोगों/कंपनियों को क्या करना चाहिए (प्रैक्टिकल नोट्स)
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गेमिंग कंपनियों को नियमों की पूरी कॉपी पढ़कर विज्ञापन सामग्री, इन-गेम मनी-ट्रांजैक्शन और किसी भी तरह के जुएनुमा विकल्पों की समीक्षा करनी चाहिए।
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बैंक/भुगतान सेवा प्रदाताओं को संभावित प्रतिबंधों और निगरानी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार रहना होगा (सरकार पहले ही बैंकों से परामर्श कर चुकी है)।
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खिलाड़ियों/उपभोक्ताओं को किसी भी संदिग्ध मनी-गेमिंग सेवा या प्रलोभनपूर्ण विज्ञापन से सावधान रहना चाहिए और अपनी वित्तीय डिटेल्स साझा न करनी चाहिए।
यदि आप चाहें तो मैं यही खबर तीन अलग-अलग फॉर्मैट में तैयार कर दूँ:
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सोशल मीडिया-फ्रेंडली कैप्शन (Twitter/X / Instagram)
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छोटे-सार के रूप में SMS/WhatsApp अलर्ट
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प्रेस नोट-स्टाइल (सरकारी या कॉर्पोरेट उपयोग के लिए)
बताइए किस फॉर्मैट में चाहिए — मैं तुरंत तैयार कर देता/देती हूँ।
