Chhattisgarh Smart Meter: अब बिजली बिल देखकर नहीं होंगे परेशान! स्मार्ट मीटर बताएगा रोज की खपत, मोबाइल पर मिलेगी हर जानकारी

Raipur News: छत्तीसगढ़ में बिजली व्यवस्था तेजी से हाईटेक हो रही है। स्मार्ट मीटर के विस्तार से अब उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत और बिल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मोबाइल पर ही मिल रही हैं। इससे न सिर्फ बिजली बिल में होने वाली मानवीय गलतियों को कम करने में मदद मिल रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को अपनी रोजाना बिजली खपत पर नजर रखने की सुविधा भी मिल रही है।

प्रदेश के रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत कई जिलों और कस्बों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में करीब 54 प्रतिशत क्षेत्र में स्मार्ट मीटरिंग का काम हो चुका है।

रोज देख सकेंगे कितनी बिजली खर्च हुई

स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ता अपने परिसर में होने वाली बिजली खपत की जानकारी रोजाना देख सकते हैं। मोबाइल एप के जरिए वर्तमान और पिछले महीनों की बिजली खपत का रिकॉर्ड और चार्ट भी देखा जा सकता है।

इसके अलावा लोड से जुड़ी जानकारी, बिजली खपत और दूसरे संबंधित चार्ज की जानकारी भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकती है।

इससे उपभोक्ता यह समझ सकते हैं कि उनके घर या प्रतिष्ठान में किस अवधि में बिजली की खपत ज्यादा हुई और जरूरत के मुताबिक अपनी खपत को नियंत्रित कर सकते हैं।

मीटर रीडिंग की मानवीय गलती से मिलेगी राहत

पारंपरिक मीटर रीडिंग में मानवीय चूक की संभावना बनी रहती है। स्मार्ट मीटर इस समस्या को कम करने में मदद करता है। मीटर की रीडिंग डिजिटल तरीके से दर्ज होने के कारण गलत रीडिंग और औसत बिल जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

अगर मीटर बंद या खराब होता है, तो इसकी जानकारी भी सिस्टम के जरिए जल्दी मिलने में मदद मिलती है। इससे शिकायत के बाद समस्या के समाधान की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है।

बिजली बिल सुधार के लिए बार-बार दफ्तर जाने की जरूरत नहीं

स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत और बिल से संबंधित जानकारी डिजिटल माध्यम से देखने की सुविधा मिलती है। इससे बिल में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर समस्या को समझना आसान हो सकता है।

विभाग के मुताबिक, स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी जानकारी या समस्या के लिए उपभोक्ता 1912 पर संपर्क कर सकते हैं। बिजली कार्यालयों में भी उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहते हैं।

‘मोर स्मार्ट बिजली एप’ से मिलेगी खपत की जानकारी

उपभोक्ता ‘मोर स्मार्ट बिजली’ एप के माध्यम से अपनी दैनिक बिजली खपत पर नजर रख सकते हैं। इससे बिजली के इस्तेमाल में अचानक बढ़ोतरी होने पर उपभोक्ता समय रहते इसकी वजह तलाश सकता है।

विभाग की इंजीनियरिंग टीम स्मार्ट मीटर सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं, इसकी निगरानी के लिए सर्वे और निरीक्षण भी करती है।

शहर ही नहीं, गांवों में भी बढ़ रहा स्मार्ट मीटर का दायरा

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटरिंग का विस्तार सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं को इस नई तकनीक से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।

इसका उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को ज्यादा आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित बनाना है। खासकर ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत समझने और जरूरत के अनुसार उसे नियंत्रित करने का नया विकल्प मिल रहा है।

8,126 करोड़ रुपये का स्वीकृत परिव्यय

बिजली वितरण व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटरिंग और वितरण ढांचे से जुड़े कार्यों को मिलाकर कुल 8,126 करोड़ रुपये का स्वीकृत परिव्यय बताया गया है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 16 मार्च 2026 तक RDSS के तहत छत्तीसगढ़ को 1,168.78 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके थे।

मोबाइल पर दिख सकती है लगभग रियल टाइम खपत

स्मार्ट मीटर की सबसे अहम सुविधाओं में से एक मोबाइल एप के जरिए बिजली की खपत पर नजर रखना है। केंद्र सरकार की जानकारी के मुताबिक, स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम में उपभोक्ताओं को लगभग रियल टाइम खपत देखने, पुराने इस्तेमाल का ग्राफ, बिल या रिचार्ज से जुड़ी जानकारी और कम बैलेंस जैसी सूचनाएं मिलने की सुविधा दी जा सकती है।

यानी आने वाले समय में उपभोक्ता के लिए बिजली बिल सिर्फ महीने के अंत में आने वाला आंकड़ा नहीं रहेगा, बल्कि वह हर दिन अपनी बिजली खपत को समझ और नियंत्रित कर सकेगा।

बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर का विस्तार बिजली वितरण व्यवस्था में तकनीकी बदलाव की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी खपत की जानकारी ज्यादा पारदर्शी तरीके से मिलने, मीटर रीडिंग की मानवीय चूक कम करने और शिकायतों के समाधान को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में बिजली व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है। स्मार्ट मीटरिंग के विस्तार के साथ अब उपभोक्ता भी अपनी बिजली खपत पर पहले के मुकाबले ज्यादा आसानी से नजर रख सकेंगे।