68 लाख महिलाओं के खातों में पहुंची बड़ी रकम! मुख्यमंत्री ने जारी की महतारी वंदन योजना की नई किस्त, जानिए किसे मिला लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के लिए गुरुवार का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी करते हुए करोड़ों रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की। इस घोषणा के साथ ही प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में एक साथ बड़ी राशि पहुंची।

बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 68 लाख 54 हजार महिलाओं के बैंक खातों में कुल 642 करोड़ 27 लाख 77 हजार 950 रुपये की राशि ट्रांसफर की। योजना की नई किस्त जारी होते ही प्रदेशभर की महिलाओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

महिलाओं के सशक्तिकरण को बताया सरकार की प्राथमिकता

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई ताकत भी दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज और राज्य का विकास तब तक अधूरा है, जब तक महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और सामाजिक रूप से सम्मानित नहीं किया जाता। महतारी वंदन योजना इसी सोच को धरातल पर उतारने का प्रयास है।

हर महीने मिल रही 1000 रुपये की सहायता

एक मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार का दावा है कि इस राशि का उपयोग महिलाएं अपने परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण और छोटे स्वरोजगार कार्यों में कर रही हैं।

बदल रही हजारों परिवारों की तस्वीर

योजना का असर अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ी है और परिवारों की वित्तीय स्थिति को भी मजबूती मिली है। कई महिलाएं इस राशि का उपयोग बचत और छोटे व्यवसाय शुरू करने में भी कर रही हैं।

सरकार ने बताया परिवर्तनकारी पहल

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं और बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। उनके अनुसार यह योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि उन्हें परिवार और समाज में निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान कर रही है।

राज्य सरकार इसे महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी योजना मान रही है, जिसका लाभ लगातार लाखों परिवारों तक पहुंच रहा है।