रायपुर। नवापारा-राजिम नगर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया जब रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एक विभागीय अधिकारी की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंच से ही निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दे दिए। सांसद के तेवर देखकर शिविर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
शिविर में पहुंचने पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का स्थानीय नागरिकों ने आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने भारत माता की पूजा-अर्चना से की। इसके बाद विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी ली।
मंच से संबोधित करते हुए सांसद अग्रवाल ने कहा कि शिविर में कुल 308 आवेदन प्राप्त हुए हैं और इन सभी आवेदनों का निराकरण सात दिनों के भीतर हर हाल में किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समय सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित विभागों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान वन विभाग के रेंजर की अनुपस्थिति सामने आने पर सांसद ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से रेंजर को निलंबित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनता के बीच आयोजित महत्वपूर्ण शिविरों में अधिकारियों की गैरमौजूदगी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
शिविर में नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याएं भी सांसद के सामने रखीं। दम्मानी कॉलोनी में हाईटेंशन बिजली तारों को हटाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। इसके अलावा सेवानिवृत्त पटवारी अजय उपाध्याय की सेवा पुस्तिका गायब होने और पेंशन नहीं मिलने का मामला भी सामने आया। दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने एसडीएम रवि सिंह को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने क्षेत्र के विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कन्या शाला के लिए 5 लाख रुपये तथा लड़कियों के अखाड़े के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
सुशासन तिहार शिविर में सांसद के सख्त रुख और त्वरित निर्देशों के बाद अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर स्पष्ट संदेश गया है। वहीं आम नागरिकों को भी उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब निर्धारित समय सीमा के भीतर हो सकेगा।
