रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CG PSC) भर्ती घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार को रायपुर और भिलाई में कई ठिकानों पर की गई सघन छापेमारी के दौरान लाखों रुपये नकद बरामद किए गए हैं। साथ ही जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण डिजिटल और दस्तावेजी सबूत भी मिले हैं, जिनसे आने वाले दिनों में मामले के नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार ईडी की विभिन्न टीमों ने सीजी पीएससी के पूर्व सचिव जेके ध्रुव, पूर्व आईएएस अमृत खलखो, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और सहायक नियंत्रक गणवीर से जुड़े रायपुर और भिलाई स्थित कुल 9 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। सुबह शुरू हुई कार्रवाई देर रात लगभग 9:30 बजे तक चली।
सूत्रों के मुताबिक ईडी ने इस छापेमारी को बेहद सफल माना है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान अपेक्षा से कम कठिनाई का सामना करना पड़ा, क्योंकि इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) पहले ही व्यापक जांच कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटा चुकी थी।
छापेमारी के दौरान सोनवानी के करीबी बताए जा रहे उत्कर्ष चंद्राकर के ठिकानों से 8 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं, जिनकी अब विस्तृत जांच की जाएगी।
ईडी सूत्रों के अनुसार जांच का दायरा केवल एक भर्ती परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। एजेंसी ने सोनवानी के नेतृत्व वाले पीएससी द्वारा वर्ष 2019 से 2022 के बीच आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को अपनी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है। माना जा रहा है कि इस अवधि में हुई चयन प्रक्रियाओं और भर्ती परीक्षाओं की बारीकी से जांच की जाएगी।
जांच एजेंसी को कथित अनियमितताओं से जुड़े कई डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य भी मिले हैं। अब इन सभी सामग्रियों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई और पूछताछ की दिशा तय होगी।
सीजी पीएससी भर्ती घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए नाम और नई जानकारियां सामने आने की संभावना बढ़ती जा रही है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
