गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी की हत्या और लाखों रुपये के सोना-चांदी की लूट के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी, उसकी परतें अब धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने घटना को अंजाम देने से पहले कई दिनों तक व्यापारी की रेकी की थी और फिर सुनियोजित तरीके से हत्या कर लूट को अंजाम दिया।
बिलासपुर रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग ने मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य शूटर समेत कई आरोपी अब भी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें दूसरे राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं।
बाजार में मची थी चीख-पुकार, गोली मारकर लूटा था जेवरों से भरा बैग
घटना 26 मई 2026 की शाम करीब 7 बजे कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में हुई थी। ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी बाजार से लौटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उनके पास मौजूद सोना-चांदी से भरे बैग को लूटने की कोशिश की। जब उन्होंने विरोध किया तो बदमाशों ने अवैध हथियार से उन पर गोली चला दी।
गोली लगने से गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी जेवरात से भरा बैग लेकर मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।
हत्या से पहले हुई थी गुप्त रेकी
जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी खुशीराम साहू ने अपने भतीजे राजाराम साहू के साथ मिलकर बिहार-झारखंड के परिचित राहुल नामक आरोपी से संपर्क किया था। आरोपियों ने पहले बाजार में आने वाले ज्वेलरी व्यापारियों की गतिविधियों पर नजर रखी और कई दिनों तक रेकी की।
23 मई को सभी आरोपी बिटकुला में एकत्र हुए, जहां पूरी साजिश तैयार की गई। वारदात वाले दिन आरोपी देवरीखुर्द पहुंचे और व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद हत्या और लूट की घटना को अंजाम दिया।
लूट के बाद जेवरों का किया गया बंटवारा
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी देवरीखुर्द स्थित गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे। यहां लूटे गए आभूषणों का आपस में बंटवारा किया गया। सबूत मिटाने के लिए जेवरों की पैकिंग सामग्री को पास की टेकरी में ले जाकर जला दिया गया था ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य शूटर अब भी फरार
पुलिस ने इस मामले में खुशीराम साहू, राजाराम साहू और गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मुख्य शूटर राहुल, संजय, राजू समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
कट्टा, कारतूस और लूटे गए जेवर बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए जेवरात का हिस्सा और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई तकनीकी जांच और लगातार निगरानी का परिणाम है।
पुलिस पर उठे थे सवाल, परिवार ने मांगी थी CBI जांच
घटना के बाद छह दिनों तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे। मृतक के परिजनों ने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के नेतृत्व में कलेक्टर से मुलाकात कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी।
परिवार का आरोप था कि इतनी बड़ी वारदात के बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बेटी का दर्द: कातिलों का एनकाउंटर होना चाहिए
मृतक प्रदीप सोनी की बेटी ने उस समय प्रशासन के सामने अपना दर्द व्यक्त करते हुए कहा था कि उसके पिता के हत्यारों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने मांग की थी कि आरोपियों के खिलाफ सबसे कठोर कार्रवाई की जाए।
फरार आरोपियों पर इनाम घोषित
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी राम गोपाल गर्ग ने फरार आरोपियों का सुराग देने वाले व्यक्ति को 30 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। अब पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही बाकी आरोपी भी गिरफ्त में होंगे और इस हत्याकांड से जुड़े सभी राज सामने आ जाएंगे।
