छत्तीसगढ़ के इन 57 गांवों ने तोड़ी सदियों पुरानी कुरीति! बाल विवाह पर लगा ‘पूर्ण विराम’, प्रशासन ने किया सम्मानित

रायगढ़ में 57 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित कर दिया गया प्रमाण पत्र, लोगों ने लिया कसम—अब नहीं होगा नाबालिगों का विवाह

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के Raigarh जिले में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक बड़ी पहल सामने आई है। जिला प्रशासन ने वर्ष 2025-26 के दौरान जिले की 57 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी L. R. Kachchap ने उपस्थित लोगों को Prohibition of Child Marriage Act, 2006 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाना है।

लोगों ने ली बाल विवाह रोकने की शपथ

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की शपथ ली। अधिकारियों ने कहा कि समाज के सहयोग से ही इस सामाजिक बुराई को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा लाभ

कार्यक्रम के दौरान Mahtari Vandan Yojana से लाभान्वित महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। रायगढ़ की गीता मानिकपुरी ने बताया कि वह योजना से मिलने वाली राशि से अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए बचत कर रही हैं।

वहीं मानसी देवांगन ने बताया कि इस आर्थिक सहायता से उनके सिलाई कार्य को विस्तार मिला, जिससे परिवार की आय में भी बढ़ोतरी हुई है।

कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला पंचायत के सीईओ Abhijeet Baban Pathare, अतिरिक्त सीईओ Mahesh Patel सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

प्रशासन का मानना है कि इस तरह की पहल से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और आने वाले समय में बाल विवाह जैसी कुरीति पर पूरी तरह रोक लगाने में मदद मिलेगी।